मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव असम में निवेशकों से करेंगे वन-टू-वन चर्चा,

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार को असम की राजधानी गुवाहाटी में पूर्वोत्तर राज्यों के निवेशकों और भूटान के प्रतिनिधियों से वन-टू-वन चर्चा करेंगे। इस विशेष सेशन को रॉयल भूटान काउन्सलेट के काउंसिल जनरल श्री जिग्मे थिनायल नामग्याल भी संबोधित करेंगे।इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव निवेशकों को मध्यप्रदेश के निवेश के प्रमुख सेक्टर्स, उद्योग-अनुकूल नीतियों और राज्य में उपलब्ध संसाधनों की जानकारी देंगे। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की संकल्पबद्ध सरकार और मजबूत नीतियां निवेशकों को भरोसा देती हैं कि उनके व्यवसाय के लिए प्रदेश में हर तरह के अवसर मौजूद हैं। यह संवाद पूर्वोत्तर और मध्यप्रदेश के उद्योगों के बीच साझेदारी की संभावनाओं का एक नया मार्ग प्रशस्त करेगा।

मध्यप्रदेश : निवेश के लिए सर्वाधिक अनुकूल गंतव्य

भारत के हृदयस्थल मध्यप्रदेश की केंद्रीय भौगोलिक स्थिति, विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचा और आसान बाजार पहुंच इसे निवेशकों के लिए एक अनूठा और प्रतिस्पर्धात्मक गंतव्य बनाती है। राज्य सरकार ने उद्योग-अनुकूल नीतियां और क्लस्टर आधारित विकास मॉडल तैयार किए हैं, जिससे निवेशक अपने प्रोजेक्ट को तेजी से क्रियान्वित कर सकते हैं।

राज्य के विभिन्न सेक्टर्स निवेशकों को व्यापक अवसर प्रदान करते हैं :

  • एग्रो और फूड प्रोसेसिंग : कृषि उत्पादन और प्रोसेसिंग क्षमताओं का लाभ, जिससे निवेशकों को मूल्य संवर्धन और निर्यात की संभावनाएं मिलती हैं।
  • टेक्सटाइल्स और अपैरल : परंपरागत कारीगरी और आधुनिक उत्पादन क्षमता का संगम, जो निर्यात और रोजगार दोनों में वृद्धि का आधार है।
  • फार्मा और हेल्थकेयर : कच्चे माल, अनुसंधान एवं विकास और उत्पादन के अवसर, जिससे यह सेक्टर तेजी से उभर रहा है।
  • सीमेंट, मिनरल्स और इंजीनियरिंग : प्रचुर खनिज संसाधनों और बेहतर कनेक्टिविटी से उद्योगों के लिए मजबूत आधार।
  • पेट्रोकेमिकल्स और केमिकल्स : उद्योगपतियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त।
  • टूरिज्म और वेलनेस : ऐतिहासिक, धार्मिक और प्राकृतिक धरोहर से निवेशकों को असीम संभावनाएं।
  • रिन्यूएबल एनर्जी और एनर्जी इक्विपमेंट : स्थायी विकास और हरित ऊर्जा समाधानों का सशक्त केंद्र।
  • प्लास्टिक्स और पॉलिमर्स : तेजी से विकसित हो रहा औद्योगिक क्षेत्र, जहां निवेशकों के लिए बहुआयामी अवसर हैं।

पूर्वोत्तर और मध्यप्रदेश : साझा विकास की संभावनाएं

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश न केवल निवेश का केंद्र है बल्कि क्षेत्रीय विकास और स्थायी अवसरों का भी वाहक है। पूर्वोत्तर के उद्योगपतियों के लिए मध्यप्रदेश आदर्श स्थल है क्योंकि यहां उन्हें संसाधन, बाजार और आधारभूत संरचना सभी एक ही छत के नीचे उपलब्ध होते हैं।असम और पूर्वोत्तर राज्यों में पहले से मौजूद फार्मा हब, सीमेंट यूनिट्स, टी-रिसर्च एवं प्लांटेशन, लॉजिस्टिक केंद्र और पेट्रोकेमिकल्स जैसी सुविधाओं के साथ जुड़कर मध्यप्रदेश निवेशकों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धात्मक और भरोसेमंद वातावरण प्रदान कर सकता है।

निवेशकों को भरोसे का वातावरण

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल से निवेश केवल व्यवसाय का साधन नहीं बल्कि राज्य और देश के आर्थिक विकास का मार्ग बन रहा है। उन्होंने कहा कि निवेशकों को मध्यप्रदेश में भूमि, बिजली, जल, श्रम शक्ति और कुशल मानव संसाधन जैसी सभी बुनियादी सुविधाएँ सरल और पारदर्शी प्रक्रियाओं के माध्यम से मिलेंगी।डॉ. यादव ने विश्वास जताया कि इस वन-टू-वन संवाद से मध्यप्रदेश और पूर्वोत्तर भारत के बीच उद्योग और निवेश सहयोग के नए अध्याय की शुरुआत होगी।

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