मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने महालक्ष्मी अष्टमी पर दी प्रदेशवासियों को शुभकामनाएँ,

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने महालक्ष्मी अष्टमी व्रत के पावन अवसर पर प्रदेश की सभी माताओं-बहनों सहित समस्त नागरिकों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ दी हैं। उन्होंने कामना की कि सुख-समृद्धि और ऐश्वर्य की अधिष्ठात्री मां महालक्ष्मी का यह पावन व्रत प्रदेश के प्रत्येक परिवार के जीवन में सुख-शांति, वैभव और स्थायी समृद्धि का प्रकाश फैलाए।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने संदेश में कहा कि नवरात्रि पर्व भारतीय संस्कृति का अद्भुत प्रतीक है। नवरात्र के आठवें दिन महालक्ष्मी अष्टमी का व्रत विशेष महत्व रखता है। इस दिन मां लक्ष्मी की उपासना से जहां साधक को सांसारिक सुख-समृद्धि प्राप्त होती है, वहीं जीवन में आध्यात्मिक संतुलन और सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी होता है। उन्होंने कहा कि मातृशक्ति की उपासना भारतीय परंपरा का अभिन्न अंग है और यह हमारी संस्कृति की जड़ों को मजबूती प्रदान करती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महालक्ष्मी अष्टमी का पर्व केवल धार्मिक महत्व ही नहीं रखता बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी अत्यंत प्रेरणादायी है। यह पर्व हमें परिश्रम, संयम और त्याग के साथ जीवन जीने की प्रेरणा देता है। मां महालक्ष्मी को श्रद्धापूर्वक अर्पित की गई भक्ति, परिवार और समाज दोनों को मजबूती देती है।डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार भी इसी भाव से कार्य कर रही है कि हर घर में खुशहाली और हर परिवार में सुख-समृद्धि पहुँचे। प्रदेश की माताओं-बहनों का सशक्तिकरण हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। आज विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों के माध्यम से महिला स्वावलंबन, शिक्षा, स्वास्थ्य और आत्मनिर्भरता की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि मां लक्ष्मी की कृपा से प्रदेश की बहनें और माताएँ और अधिक सामर्थ्यशाली बनेंगी तथा समाज और राज्य के विकास में अपनी अग्रणी भूमिका निभाएँगी।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस अवसर पर प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे धार्मिक और सांस्कृतिक पर्वों को केवल उत्सव तक सीमित न रखें बल्कि इनके माध्यम से समाज में भाईचारे, सहयोग और सकारात्मक सोच को भी बढ़ावा दें। उन्होंने कहा कि महालक्ष्मी अष्टमी का यह पावन पर्व हम सबके लिए प्रेरणा का संदेश लेकर आता है कि समृद्धि तभी सार्थक है जब उसमें समाज के सभी वर्गों की भागीदारी हो।मुख्यमंत्री ने अंत में पुनः माता महालक्ष्मी से प्रार्थना की कि वे प्रदेशवासियों को सुख, शांति, स्वास्थ्य और अखंड समृद्धि का आशीर्वाद दें तथा प्रदेश निरंतर विकास की राह पर अग्रसर हो।

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