मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि छत्तीसगढ़ राज्य में हाल ही में हुई अतिवृष्टि और बाढ़ से उत्पन्न कठिन परिस्थितियों में पड़ोसी राज्य की सहायता करना मध्यप्रदेश का नैतिक और सामाजिक दायित्व है। इस संदर्भ में मध्यप्रदेश सरकार ने छत्तीसगढ़ को सहायता स्वरूप 5 करोड़ रुपये की राशि तथा एक ट्रेन भरकर राहत सामग्री भेजने का निर्णय लिया है।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रविवार को जारी अपने संदेश में कहा कि छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा सहित कई जिलों में बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है, जिससे जन-जीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने जिस तत्परता और संवेदनशीलता के साथ राहत एवं बचाव कार्य संचालित किए हैं, वह प्रशंसनीय है।डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश की सभी राज्य सरकारें परस्पर सहयोग और सहानुभूति की भावना से कार्य कर रही हैं। संकट के समय परस्पर सहयोग ही हमारे संघीय ढांचे और मानवीय मूल्यों को मजबूत बनाता है। उन्होंने आश्वस्त किया कि मध्यप्रदेश सरकार, छत्तीसगढ़ के नागरिकों के साथ हर परिस्थिति में खड़ी रहेगी और भविष्य में भी आवश्यकतानुसार सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।मुख्यमंत्री ने बताया कि भेजी जा रही राहत सामग्री में खाद्यान्न, पीने का स्वच्छ पानी, तिरपाल, दवाइयां, कपड़े और अन्य आवश्यक वस्तुएं शामिल हैं, जो प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों को गति देंगी। इसके अतिरिक्त, मध्यप्रदेश सरकार ने अपने अधिकारियों को भी निर्देशित किया है कि वे छत्तीसगढ़ सरकार के साथ सतत समन्वय बनाए रखें और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त सहयोग प्रदान करें।

डॉ. यादव ने कहा कि प्राकृतिक आपदाएं मानव जीवन के लिए चुनौतीपूर्ण होती हैं और ऐसे समय में एक-दूसरे की मदद करना ही हमारी संस्कृति और परंपरा की पहचान है। उन्होंने प्रदेशवासियों से भी अपील की कि वे इस कठिन समय में अपने पड़ोसी राज्य के लोगों की सहायता के लिए आगे आएं।अंत में मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ के बाढ़ प्रभावित नागरिकों के शीघ्र पुनर्वास और सामान्य जीवन की बहाली के लिए शुभकामनाएं व्यक्त कीं और विश्वास जताया कि सामूहिक प्रयासों से इस संकट का सामना सफलतापूर्वक किया जाएगा।