भावांतर योजना 2025 के तहत सोयाबीन किसानों के लिए मॉडल रेट जारी, 11 दिसंबर का मॉडल रेट 4207 रुपए प्रति क्विंटल,

भावांतर भुगतान सहायता योजना 2025 के अंतर्गत सोयाबीन उपज बेचने वाले किसानों के लिए राज्य सरकार द्वारा प्रतिदिन मॉडल रेट जारी किए जा रहे हैं। इसी क्रम में गुरुवार, 11 दिसंबर का मॉडल रेट 4207 रुपए प्रति क्विंटल घोषित किया गया है। यह मॉडल रेट उन किसानों के लिए लागू है जिन्होंने अपनी सोयाबीन की उपज राज्य के विभिन्न मंडी प्रांगणों में विक्रय की है। इसी मॉडल रेट के आधार पर किसानों को मिलने वाली भावांतर राशि की गणना की जाएगी।राज्य सरकार सोयाबीन के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) – 5328 रुपए प्रति क्विंटल और प्रतिदिन के मॉडल रेट के बीच के अंतर की राशि किसानों को प्रत्यक्ष सहायता के रूप में प्रदान कर रही है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि किसानों को उनकी उपज का मूल्य किसी भी परिस्थिति में एमएसपी से कम नहीं मिलने दिया जाएगा।

नवंबर माह के मॉडल रेट

सोयाबीन का पहला मॉडल रेट 7 नवंबर को 4020 रुपए प्रति क्विंटल जारी हुआ था। इसके बाद प्रतिदिन मॉडल रेट इस प्रकार जारी किए गए:

  • 8 नवंबर – 4033 रुपए
  • 9 एवं 10 नवंबर – 4036 रुपए
  • 11 नवंबर – 4056 रुपए
  • 12 नवंबर – 4077 रुपए
  • 13 नवंबर – 4130 रुपए
  • 14 नवंबर – 4184 रुपए
  • 15 नवंबर – 4225 रुपए
  • 16 नवंबर – 4234 रुपए
  • 17 नवंबर – 4236 रुपए
  • 18 नवंबर – 4255 रुपए
  • 19 नवंबर – 4263 रुपए
  • 20 नवंबर – 4267 रुपए
  • 21 नवंबर – 4271 रुपए
  • 22 नवंबर – 4285 रुपए
  • 23 एवं 24 नवंबर – 4282 रुपए
  • 25 नवंबर – 4277 रुपए
  • 26 नवंबर – 4265 रुपए
  • 27 नवंबर – 4252 रुपए
  • 28 नवंबर – 4260 रुपए
  • 29 नवंबर – 4240 रुपए
  • 30 नवंबर – 4237 रुपए

दिसंबर माह के मॉडल रेट

दिसंबर के पहले दस दिनों में सोयाबीन के मॉडल रेट निम्न प्रकार रहे:

  • 1 दिसंबर – 4239 रुपए
  • 2 दिसंबर – 4235 रुपए
  • 3 दिसंबर – 4240 रुपए
  • 4 दिसंबर – 4235 रुपए
  • 5 दिसंबर – 4230 रुपए
  • 6 दिसंबर – 4217 रुपए
  • 7 दिसंबर – 4222 रुपए
  • 8 दिसंबर – 4219 रुपए
  • 9 दिसंबर – 4217 रुपए
  • 10 दिसंबर – 4210 रुपए

इन तमाम रेट्स के आधार पर 11 दिसंबर का मॉडल रेट 4207 रुपए प्रति क्विंटल तय किया गया है।राज्य सरकार ने भरोसा दिलाया है कि भावांतर योजना का उद्देश्य किसानों को बाजार के अस्थिर मूल्य से सुरक्षा प्रदान करना है। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित करने के लिए पूरे प्रदेश में खरीद व्यवस्था और भुगतान प्रणाली की सतत निगरानी की जा रही है।सरकार का कहना है कि किसान हित सर्वोपरि है और भावांतर योजना के माध्यम से सोयाबीन किसानों की आय को स्थिर और सुरक्षित रखना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है

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