भीलवाड़ा (राजस्थान)। Mohan Yadav ने कहा है कि मध्यप्रदेश आज देश के सबसे तेजी से विकसित हो रहे राज्यों में अग्रणी बनकर उभरा है और निवेश के लिए हर दृष्टि से अनुकूल वातावरण प्रदान करता है। उन्होंने कहा, “देश के दिल से जुड़िए, विकास और अवसरों के केंद्र से जुड़िए।”मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को राजस्थान की वस्त्र नगरी भीलवाड़ा में आयोजित ‘इन्टरैक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट अपॉर्चुनिटीज इन एमपी’ में स्थानीय निवेशकों, उद्योगपतियों, बिजनेस लीडर्स एवं विभिन्न औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मेवाड़ चेंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष श्री अनिल मिश्रा ने मुख्यमंत्री का मेवाड़ी पगड़ी, अंगवस्त्र और पुष्प-गुच्छ भेंट कर पारंपरिक स्वागत किया।मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश को “अनंत संभावनाओं का अनुपम केंद्र” बताते हुए कहा कि वीरों की धरती राजस्थान के निवेशकों का हीरों की धरती मध्यप्रदेश में स्वागत और अभिनंदन है। उन्होंने कहा कि दोनों राज्यों के बीच सदियों पुराना सांस्कृतिक, व्यापारिक और सामाजिक रिश्ता रहा है, जो भविष्य में औद्योगिक विकास की नई संभावनाओं को जन्म देगा।डॉ. यादव ने कहा कि राज्य के मध्य में स्थित होने के कारण मध्यप्रदेश व्यापार, उद्योग स्थापना और निर्यात के लिए एक रणनीतिक हब के रूप में उभर रहा है। प्राकृतिक संसाधनों की प्रचुरता, उद्योग-अनुकूल नीतियां, सुदृढ़ इंफ्रास्ट्रक्चर और पारदर्शी प्रशासन निवेशकों के लिए आदर्श वातावरण तैयार करते हैंउन्होंने कहा कि लंबे समय से मध्यप्रदेश और राजस्थान के बीच सहोदर जैसा संबंध रहा है। पद्म विभूषण से सम्मानित स्व. Ghanshyam Das Birla द्वारा उज्जैन जिले के नागदा में Grasim Industries Limited की स्थापना इसका उदाहरण है। राजस्थान के मारवाड़ और मेवाड़ के व्यापारियों की व्यावसायिक कुशलता उल्लेखनीय रही है।मुख्यमंत्री ने कहा कि Narendra Modi के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश सरकार उद्योग प्रोत्साहन के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य सरकार ने राजस्थान सरकार के साथ वर्षों से लंबित पार्वती-कालीसिंध-चंबल (पीकेसी) परियोजना पर समझौता कर जल उपलब्धता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है।उन्होंने बताया कि राज्य में 18 नई उद्योग-अनुकूल नीतियां लागू की गई हैं। विस्तृत लैंड बैंक, भरपूर जल उपलब्धता, कुशल मानव संसाधन, उत्कृष्ट लॉजिस्टिक्स कनेक्टिविटी और ऊर्जा आत्मनिर्भरता निवेश के लिए मजबूत आधार प्रदान करते हैं। ग्रीन एनर्जी उत्पादन में भी मध्यप्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है।