
भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के मद्देनज़र पूरे देश में सतर्कता बढ़ा दी गई है। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एम्स और गांधी मेडिकल कॉलेज समेत सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों को इमरजेंसी मोड पर रखा गया है। इस स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ की समर वेकेशन सहित सभी छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। हमीदिया अस्पताल में भी समर ब्रेक पर गए डॉक्टरों को लौटने का निर्देश दिया गया है। युद्ध जैसे हालातों के बीच स्वास्थ्य सेवाओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए यह फैसला लिया गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में पूर्ण मेडिकल स्टाफ उपलब्ध रहे।
इसे लेकर एम्स भोपाल में बैठक का आयोजन किया गया। एम्स भोपाल के निदेशक डॉ. अजय सिंह ने बताया कि तत्काल प्रभाव से सभी चिकित्सक, सीनियर रेसीडेंट, जूनियर रेसीडेंट के साथ साथ पैरा मेडिकल स्टाफ की छुट्टियां कैंसिल कर दी हैं। जो स्टाफ पहले से छुट्टी पर है, उसे तत्काल काम पर लौटने के निर्देश दे दिए गए हैं, साथ ही जिम्मेदारों को अस्पताल में जरूरी दवाएं रखने के निर्देश दिए गए हैं।भारत-पाकिस्तान के बीच चल रहे तनाव के चलते एम्स भोपाल में सभी सेवाओं को इमरजेंसी मोड पर रखने के साथ चिकित्सकों के समर वेकेशन निरस्त किए गए हैं। एम्स के साथ गांधी मेडिकल कॉलेज सहित प्रदेश के सभी सरकारी मेडिकल कॉलेज में समर वेकेशन निरस्त कर दिए गए हैं।