भारतीय वायुसेना इस समय अपनी ताकत और क्षमता को लेकर एक ऐतिहासिक मोड़ पर खड़ी है। वायुसेना ने रक्षा मंत्रालय को 114 नए राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद का प्रस्ताव भेजा है। यह सौदा लगभग 22 से 25 अरब डॉलर के बीच होने का अनुमान है और इसे भारत की अब तक की सबसे बड़ी फाइटर जेट डील माना जा रहा है। वर्तमान में वायुसेना के पास 36 राफेल फाइटर जेट मौजूद हैं और नए विमानों की खरीद के बाद यह संख्या बढ़कर 150 राफेल तक पहुँच जाएगी। राफेल पहले ही ऑपरेशन सिंदूर के दौरान अपनी घातक क्षमता का प्रदर्शन कर चुका है और SCALP मिसाइल के ज़रिए पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) और पाकिस्तान में आतंकियों के ठिकानों को तबाह कर चुका है।इसके साथ ही, भारत सरकार रूस से Su-57 स्टील्थ फाइटर जेट खरीदने पर भी विचार कर रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार भारत कम से कम 3 स्क्वार्डन Su-57 जेट खरीद सकता है। रूस ने इस विमान के लिए 100 प्रतिशत टेक्नोलॉजी ट्रांसफर और सोर्स कोड देने की पेशकश भी की है। साथ ही, यह संभावना भी जताई जा रही है कि हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के नासिक प्लांट में Su-57 का उत्पादन शुरू किया जा सकता है।