भारत सरकार के सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय की SMILE उपयोजना के अंतर्गत भोपाल जिले को भिक्षावृत्ति मुक्त बनाए जाने हेतु चयनित किया गया है। इस अभियान के अंतर्गत भिक्षावृत्ति में संलग्न व्यक्तियों के पुनर्वास हेतु विशेष रूप से आश्रय स्थल/भिक्षुक गृह की स्थापना की गई है।उक्त आश्रय स्थल के सुचारु संचालन हेतु अनुभवी एवं सक्षम स्वैच्छिक संस्थाओं/संगठनों से 15 जुलाई 2025, सायं 5:00 बजे तक प्रस्ताव आमंत्रित किए गए हैं।भोपाल कलेक्टर द्वारा दिनांक 03 फरवरी 2025 को भिक्षावृत्ति करने एवं भिक्षा देने पर प्रतिबंध लगाने का आदेश जारी किया जा चुका है, जो इस अभियान को मजबूत आधार प्रदान करता है।संयुक्त संचालक, सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण ने बताया कि वे संस्थाएँ जो निम्नलिखित मापदंडों को पूरा करती हैं, वे आवेदन हेतु पात्र होंगी:
संस्था सोसायटी रजिस्ट्रेशन एक्ट / फर्म / लोक न्यास अधिनियम के अंतर्गत पंजीकृत हो।
संस्था की वर्तमान वैध कार्यकारिणी हो।
कार्यकारिणी द्वारा प्रस्ताव पारित किया गया हो।
संस्था किसी विभाग द्वारा ब्लैकलिस्टेड न हो।
विगत 5 वर्षों से पुनर्वास संबंधित कार्य का अनुभव हो।
संस्था की वित्तीय स्थिति सुदृढ़ हो (पिछले 3 वर्षों की ऑडिट रिपोर्ट संलग्न करना आवश्यक)।
संस्था के उपविधियों में भिक्षावृत्ति पुनर्वास संबंधित उद्देश्य शामिल होना अनिवार्य है।