
आज भोपाल में आयोजित ट्रस्ट की पहली वर्षगांठ (First Anniversary) एवं सम्मान समारोह कार्यक्रम बेहद उत्साह और गरिमा के साथ सम्पन्न हुआ। इस कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के सभी जिलों से आई सैकड़ों महिलाओं, समूह सखियों, और अन्य राज्यों से आई महिला प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य था —
➡️ महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना
➡️ रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना
➡️ महिलाओं के अधिकारों और मानदेय के लिए आवाज़ उठाना
ट्रस्ट के संस्थापक श्री कृपाराम कुशवाहा जी ने अपने संबोधन में कहा कि —
“आजीविका महिला स्वयं सहायता ट्रस्ट महिलाओं के विकास, रोजगार और उनके सामाजिक अधिकारों के लिए निरंतर संघर्ष कर रहा है। मध्यान्ह भोजन, साझा चूल्हा कार्यक्रम, बैंक सखी, कृषि सखी, डीजीपे सखी, स्वास्थ्य सखी जैसी सभी महिलाएं हमारे देश की ताकत हैं। सरकार को इनका मानदेय कम से कम ₹10,000 से ₹15,000 तक बढ़ाना चाहिए और इनके लिए बीमा योजना भी लागू करनी चाहिए।”
उन्होंने आगे कहा कि —
“महिलाएं देश की रीढ़ हैं, लेकिन आज भी कई महिलाएं बेहद कम पारिश्रमिक में दिनभर कार्य कर रही हैं। सरकार को चाहिए कि वह इन सखियों के लिए एक स्थायी नीति बनाएं ताकि उन्हें भी सम्मानजनक जीवन मिल सके।”
कार्यक्रम में प्रदेश संरक्षक श्री होरीलाल पगारे जी, जिला प्रभारी मनोज शर्मा जी (भोपाल), एवं अन्य प्रदेश पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।
साथ ही, जिन महिलाओं ने क्राउन फंडिंग योजना के तहत जरूरतमंद महिलाओं की मदद की, उन्हें ₹1,000 से ₹10,000 तक के चेक प्रदान किए गए।
कई जिला अध्यक्ष, सचिव एवं कार्यकर्ताओं को भी ट्रॉफी और सम्मान पत्र देकर सम्मानित किया गया।
ट्रस्ट ने आगामी वर्ष के लिए यह लक्ष्य निर्धारित किया है कि —
“हर जिले में कम से कम 500 महिलाओं को रोजगार के अवसर प्रदान किए जाएंगे, और उन महिलाओं की आर्थिक सहायता की जाएगी जो कर्ज या गरीबी से जूझ रही हैं।”
कार्यक्रम में महिलाओं ने अपने अनुभव साझा किए और यह भी बताया कि ट्रस्ट से जुड़कर उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आए हैं।
संस्थापक श्री कृपाराम कुशवाहा जी ने अंत में कहा —
“यह ट्रस्ट सिर्फ एक संगठन नहीं, बल्कि एक परिवार है जो हर महिला के सपनों को साकार करने के लिए संकल्पित है।”
🌸 आजीविका महिला स्वयं सहायता ट्रस्ट, दिल्ली
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