
राजधानी भोपाल में मेट्रो परियोजना का सपना अब हकीकत बनने के बेहद करीब है। इंदौर के बाद भोपाल में भी मेट्रो के संचालन की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति दर्ज की गई है। रेलवे की रिसर्च डिजाइन एंड स्टैंडर्ड्स ऑर्गेनाइजेशन (RDSO) द्वारा सफल ट्रायल के उपरांत मेट्रो स्टेशनों पर फाइनल टचिंग का कार्य तेजी से संपन्न किया जा रहा है। उम्मीद है कि अगले महीने के मध्य तक भोपाल मेट्रो का लोकल ट्रायल प्रारंभ हो जाएगा।लखनऊ से आई RDSO की विशेषज्ञ टीम ने भोपाल मेट्रो का परीक्षण 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पर किया। लगभग 13 दिनों तक चले इस ट्रायल में इमरजेंसी ब्रेकिंग सिस्टम, ट्रैक की मजबूती, सिग्नलिंग सिस्टम और अन्य तकनीकी मानकों की गहन जांच की गई। इस ट्रायल के सफल होने के पश्चात अब मेट्रो सेफ्टी कमिश्नर की टीम द्वारा अंतिम निरीक्षण किया जाएगा। जैसे ही इसकी अनुमति मिलेगी, भोपाल मेट्रो कमर्शियल संचालन के लिए तैयार हो जाएगी।यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मेट्रो का संचालन 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पर किया जाएगा। इससे एक स्टेशन से दूसरे स्टेशन तक की दूरी मात्र दो मिनट में तय होगी। मेट्रो सेवा शुरू होने से राजधानी के यातायात पर दबाव कम होगा और आमजन को एक तेज, सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी।
राज्य सरकार ने मेट्रो सुरक्षा को लेकर भी एक बड़ा निर्णय लिया है। निजी एजेंसियों की बजाय विशेष “SAF मेट्रो कंपनी” गठित करने की प्रक्रिया शुरू की गई है, जो सुरक्षा प्रबंधन का कार्यभार संभालेगी। इससे मेट्रो संचालन की सुरक्षा और निगरानी और अधिक मजबूत होगी।अधिकारियों का कहना है कि यदि सभी प्रक्रियाएं तय समय पर पूरी हो गईं, तो अक्टूबर माह तक भोपाल मेट्रो का कमर्शियल रन शुरू हो सकता है। यह परियोजना न केवल राजधानी की पहचान को एक नया आयाम देगी, बल्कि यात्री सुविधाओं और शहरी विकास के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण योगदान करेगी।