भोपाल I भोपाल से बड़ी खबर सामने आई है, जहां बैरागढ़ इलाके में आबकारी विभाग की टीम ने एक महिला शराब माफिया को धर दबोचा। लंबे समय से क्षेत्र में अवैध शराब सप्लाई की शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद विभाग ने कार्रवाई की और महिला को रंगे हाथों पकड़ लिया। बताया जा रहा है कि महिला लंबे समय से इस धंधे में सक्रिय थी और उसके नेटवर्क के जरिए आसपास के इलाके में अवैध शराब की सप्लाई की जाती थी।

घर के स्टोर रूम में बनाया था शराब का गोदाम…
आबकारी विभाग ने दबिश देकर 68 बोतलें बरामद की…
महिला हिमांशी किसवानी गिरफ्तार..
आबकारी एक्ट तहत महिला के खिलाफ मामला दर्ज..
महिला दुकानों से सस्ती शराब खरीदकर घर से महंगे दामों पर बेचती थी…
गिरफ्तारी के लिए पहुँची आबकारी विभाग की 21 से ज्यादा अफसरों की टीम…
गिरफ्तारी के 24 घंटे बाद भी अफसरों को नहीं पता शराब कहां से आती थी…
मामले की जांच में जुटा आबकारी विभाग..
शुक्रवार की सुबह आबकारी विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि बैरागढ़ क्षेत्र में एक महिला घर से ही शराब का अवैध कारोबार चला रही है। सूचना के आधार पर टीम ने दबिश दी, जहां मौके से बड़ी मात्रा में अवैध शराब बरामद की गई। शराब की बोतलें घर के अंदर छिपाकर रखी गई थीं और आसपास के ठिकानों पर सप्लाई की तैयारी की जा रही थी।
मौके से मिली जानकारी के अनुसार महिला के पास से देशी और विदेशी, दोनों तरह की शराब की सैकड़ों बोतलें बरामद हुई हैं। प्राथमिक अनुमान है कि यह शराब चोरी-छिपे अन्य जिलों से मंगवाई जाती थी और फिर छोटे पैमाने पर बेच दी जाती थी। इससे न केवल सरकार को कर का भारी नुकसान हो रहा था बल्कि स्थानीय स्तर पर अवैध कारोबार बढ़ रहा था।
स्थानीय लोगों का कहना है कि महिला काफी समय से इस काम में संलिप्त थी। आसपास के मोहल्ले में उसकी पहचान “शराब माफिया” के रूप में हो चुकी थी। कई बार इस बारे में पुलिस और विभाग को शिकायतें दी गई थीं, लेकिन महिला अपने नेटवर्क और चोरी-छिपे कारोबार की वजह से पकड़ से बाहर थी। हालांकि इस बार आबकारी विभाग ने गुप्त योजना बनाकर उसे पकड़ने में सफलता पाई।
कार्रवाई के दौरान भीड़ जमा हो गई और इलाके में हड़कंप मच गया। लोग दबी जुबान में चर्चा करने लगे कि महिला कैसे पुलिस और प्रशासन से बचती रही। कुछ लोगों का यह भी कहना है कि इस धंधे में महिला के साथ इलाके के अन्य छोटे शराब तस्करों का भी हाथ है। विभाग अब इन सभी बिंदुओं पर जांच कर रहा है।
अब सवाल यह है कि महिला शराब तस्करी का इतना बड़ा नेटवर्क अकेले कैसे चला रही थी। विभाग को शक है कि इसके पीछे बड़े माफिया या गिरोह का संरक्षण हो सकता है। बरामद बोतलों की जांच की जा रही है ताकि पता चल सके कि ये शराब कहां से लाई गई थी। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि क्या इसमें किसी तरह की नकली शराब की मिलावट तो नहीं है। नकली शराब के मामले अक्सर जानलेवा साबित होते हैं, इसलिए विभाग इस दिशा में भी सख्ती बरत रहा है।
आबकारी विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई सिर्फ शुरुआत है। महिला से पूछताछ के बाद अन्य नाम भी सामने आ सकते हैं, जिन पर अगले चरण में कार्रवाई की जाएगी। साथ ही इलाके के उन छोटे कारोबारियों और सप्लायर्स पर भी निगरानी रखी जाएगी, जो महिला के संपर्क में थे। विभाग यह सुनिश्चित करना चाहता है कि अवैध शराब का यह जाल पूरी तरह से तोड़ा जाए।
पकड़ी गई महिला को हिरासत में लेने के बाद उससे पूछताछ जारी है। प्रारंभिक पूछताछ में उसने कुछ अहम जानकारियां दी हैं, जिनके आधार पर आने वाले दिनों में और खुलासे संभव हैं। विभाग का मानना है कि यह नेटवर्क जिले से बाहर तक फैला हुआ हो सकता है। इसी वजह से अन्य जिलों में भी टीमों को अलर्ट किया गया है।
मामला सामने आने के बाद बैरागढ़ और आसपास के लोगों में संतोष की लहर है। वर्षों से परेशान लोग अब उम्मीद कर रहे हैं कि इस कार्रवाई से इलाके में अवैध शराब का कारोबार रुकेगा। हालांकि कई लोग यह भी मानते हैं कि जब तक इस धंधे में शामिल सभी बड़े माफिया पर सीधे प्रहार नहीं होगा, तब तक इस समस्या से पूरी तरह छुटकारा पाना मुश्किल है।
कुल मिलाकर, बैरागढ़ में आबकारी विभाग की इस कार्रवाई ने न केवल एक महिला शराब माफिया को बेनकाब किया है बल्कि यह दिखाया है कि अवैध कारोबार की गहरी जड़ें समाज को किस तरह प्रभावित कर रही हैं। आने वाले समय में इस नेटवर्क के खिलाफ और कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल भोपाल की यह बड़ी कार्रवाई पूरे शहर में चर्चा का विषय बन गई है और लोग अगली कार्यवाही पर निगाहें टिकाए हुए हैं।