
विश्व की सबसे भीषण औद्योगिक दुर्घटनाओं में से एक भोपाल गैस त्रासदी की 41वीं बरसी पर बुधवार को राजधानी भोपाल में भावपूर्ण श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान गैस राहत मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह सहित अनेक जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, धर्मगुरु, समाजसेवी और संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। सभी ने सामूहिक रूप से दिवंगत गैस पीड़ितों की याद में सर्वधर्म प्रार्थना सभा के माध्यम से अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की।गैस राहत विभाग द्वारा आयोजित इस सर्वधर्म प्रार्थना सभा में विभिन्न धर्मों के प्रतिनिधियों ने अपने-अपने धर्मग्रंथों का पाठ कर मानवता के प्रति एकजुटता और करुणा का संदेश दिया। कार्यक्रम की शुरुआत दो मिनट के मौन के साथ हुई, जिसमें 1984 की उस हृदयविदारक रात को खोए गए हजारों निर्दोष लोगों को स्मरण किया गया।धर्मगुरुओं में श्री रमेश त्रिपाठी, भोपाल शहर काजी सैयद मुश्ताक अली नदवी, श्री गुरवेज़ सिंह, फादर अल्फ्रेड डी’सूजा, श्री अजय जैन, और शाक्य पुत्र सागर भंते शामिल थे। सभी ने अपने धर्मग्रंथों से उद्धरण प्रस्तुत करते हुए कहा कि भोपाल गैस त्रासदी केवल एक स्थानीय घटना नहीं, बल्कि संपूर्ण विश्व के लिए एक गहरी सीख है कि विकास और उद्योगों के संचालन में मानव जीवन की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
गैस राहत मंत्री डॉ. शाह ने व्यक्त की भावपूर्ण श्रद्धांजलि
गैस राहत मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने कार्यक्रम के दौरान दिवंगतों को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि भोपाल गैस त्रासदी मानव इतिहास का ऐसा दर्द है जो आज भी हर दिल को झकझोरता है। उन्होंने कहा कि इस त्रासदी ने दुनिया को यह सिखाया कि औद्योगिक सुरक्षा और जिम्मेदारी के बिना विकास अधूरा है।डॉ. शाह ने प्रार्थना की कि ऐसी त्रासदी भविष्य में कभी न हो और सरकार गैस पीड़ितों के पुनर्वास, स्वास्थ्य सुविधाओं और सहायता योजनाओं को लगातार और मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार गैस पीड़ितों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार, अस्पतालों को आधुनिक तकनीक से सुसज्जित करने और प्रभावित परिवारों की सभी आवश्यकताओं को प्राथमिकता देने की दिशा में निरंतर कदम उठा रही है।
वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की उपस्थिति
श्रद्धांजलि सभा में अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री श्रीमती कृष्णा गौर, भोपाल के विधायक श्री भगवान दास सबनानी, और महापौर श्रीमती मालती राय ने भी भाग लिया। सभी ने त्रासदी के पीड़ितों की स्मृति में श्रद्धा व्यक्त करते हुए कहा कि यह सभा विविध धर्मों, समुदायों और विचारधाराओं को एक मंच पर लाकर मानवता की एकजुटता का प्रतीक बन गई है।कार्यक्रम में प्रशासन की ओर से अपर मुख्य सचिव श्री अनुपम राजन, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा श्री संदीप यादव, और कलेक्टर भोपाल श्री कौशलेंद्र सिंह मौजूद थे। अधिकारियों ने कहा कि गैस पीड़ितों के हित में चल रही स्वास्थ्य और पुनर्वास सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए विभाग लगातार काम कर रहा है।
त्रासदी की बरसी पर कई सामाजिक संगठनों और गैस पीड़ितों के लिए कार्यरत समूहों के प्रतिनिधियों ने भी श्रद्धांजलि सभा में भाग लिया। उन्होंने कहा कि पिछले चार दशकों में पीड़ितों की पीड़ा कम करने और उनके जीवन में स्थिरता लाने के लिए सरकार और समाज दोनों की संयुक्त जिम्मेदारी है। विभिन्न संगठनों ने गैस प्रभावितों के स्वास्थ्य, पुनर्वास, आजीविका और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर ध्यान देने की आवश्यकता पर बल दिया।3 दिसंबर 1984 की रात यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री से मिथाइल आइसोसाइनेट (MIC) गैस का रिसाव हुआ, जिससे हजारों लोगों की जान गई और लाखों लोग लंबे समय तक स्वास्थ्य समस्याओं से जूझते रहे। यह घटना आज भी औद्योगिक सुरक्षा और पर्यावरणीय जिम्मेदारी को लेकर सबसे बड़ा चेतावनी संदेश है। त्रासदी के 41 वर्ष बीत जाने के बाद भी प्रभावित परिवारों की पीड़ा और संघर्ष समाज व शासन को लगातार संवेदनशील बने रहने की याद दिलाते हैं।कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने बताया कि राज्य सरकार गैस प्रभावितों के लिए उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं में सुधार, आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता और विशेष स्वास्थ्य योजनाओं पर कार्य कर रही है। गैस राहत एवं पुनर्वास विभाग ने बीते वर्षों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ किया है और आगे भी इसे और बेहतर बनाने की योजनाएँ जारी हैं।