भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शनिवार को राज्य के औद्योगिक विकास और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य की दिशा में एक बड़ी घोषणा की। उन्होंने बताया कि रायसेन जिले के ओबेदुल्लागंज में ‘ब्रह्मा’ रेल कोच निर्माण इकाई स्थापित की जाएगी, जो पूरी तरह से मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत के ढांचे के तहत संचालित होगी। इस परियोजना का उद्देश्य विदेशी तकनीक और आयात पर निर्भरता कम करना है। अधिकांश तकनीक और सामग्री घरेलू स्तर पर प्राप्त की जाएगी, जिससे देश की स्वदेशी उत्पादन क्षमता को मजबूती मिलेगी।मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि बीईएमएल लिमिटेड इस परियोजना को क्रियान्वित करेगी। ‘ब्रह्मा परियोजना (BEML Rail Hub for Manufacturing)’ 60 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में फैली होगी और इसके निर्माण पर लगभग 1,800 करोड़ रुपये की लागत आएगी। यह रेल कोच निर्माण इकाई न केवल मध्य प्रदेश बल्कि पूरे देश के रेल नेटवर्क के लिए अत्याधुनिक कोच तैयार करेगी।इस परियोजना के सामाजिक-आर्थिक प्रभाव पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह इकाई भोपाल, रायसेन, सीहोर, विदिशा और मंडीदीप औद्योगिक क्षेत्र के लिए विकास का नया द्वार खोलेगी। परियोजना से 5,000 से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर उत्पन्न होंगे। इनमें स्थानीय तकनीकी संस्थानों के इंजीनियरिंग स्नातकों, तकनीशियनों और कुशल श्रमिकों को प्राथमिकता दी जाएगी, जिससे युवाओं को अपने ही राज्य में रोजगार मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्लांट के निर्माण और संचालन में पर्यावरणीय मानकों का विशेष ध्यान रखा जाएगा। यह इकाई शून्य तरल अपशिष्ट प्रणाली (Zero Liquid Discharge) पर आधारित होगी और सौर एवं नवीकरणीय ऊर्जा के अधिकतम उपयोग को अपनाएगी। साथ ही, वर्षा जल संचयन और हरित भूनिर्माण को भी परियोजना में शामिल किया जाएगा। निर्माण कार्य में पुनर्चक्रित और टिकाऊ सामग्रियों का इस्तेमाल किया जाएगा, ताकि यह इकाई हरित कारखाना मानकों के अनुरूप स्थापित हो सके।उन्होंने कहा कि यह परियोजना न केवल औद्योगिक विकास को गति देगी, बल्कि मध्य प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर रेल कोच निर्माण का प्रमुख केंद्र बनाएगी। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि यह पहल देश के तकनीकी आत्मनिर्भरता अभियान को मजबूती देगी और अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारतीय रेल उद्योग की प्रतिष्ठा को नई ऊंचाई पर ले जाएगी।