प्रमुख राजस्व आयुक्त एवं आयुक्त भू-अभिलेख कार्यालयों के पुनर्गठन की स्वीकृति,

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आज पचमढ़ी स्थित राजभवन में मंत्रि-परिषद की बैठक सम्पन्न हुई। यह बैठक महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी राजा भभूत सिंह के शौर्य और बलिदान को समर्पित रही।राज्य सरकार ने नर्मदापुरम जिले के समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। मंत्रि-परिषद द्वारा मेसर्स केसर मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक लिमिटेड द्वारा क्रियान्वित कम्पोजिट लॉजिस्टिक हब पवारखेड़ा परियोजना को मेसर्स डी.पी. वर्ल्ड मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक प्रा. लि. को हस्तांतरित किए जाने की मंजूरी दी गई है। यह कदम क्षेत्रीय लॉजिस्टिक सुविधाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।मंत्रि-परिषद ने प्रमुख राजस्व आयुक्त एवं आयुक्त भू-अभिलेख कार्यालयों के पुनर्गठन की भी स्वीकृति प्रदान की है। पुनर्गठन के उपरांत यह एकीकृत कार्यालय “कार्यालय आयुक्त भू-संसाधन प्रबंधन” के नाम से कार्य करेगा, जिसमें एक मुख्यालय एवं एक सहायक मुख्यालय स्थापित किया जाएगा।

इसके अतिरिक्त:

  • अधीक्षक भू-अभिलेख एवं सहायक अधीक्षक भू-अभिलेख के पदों को क्रमशः तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार पदों में समायोजित किया गया है।
  • इससे प्राप्त अतिरिक्त तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार को प्रोटोकॉल, कानून व्यवस्था, सर्वे आदि गैर-न्यायालयीन कार्यों के साथ-साथ न्यायालयीन कार्यों के लिए भी पदस्थ किया जाएगा।
  • न्यायालयीन कार्यों के लिए पृथक तहसीलदार की नियुक्ति से राजस्व प्रकरणों के शीघ्र एवं नियमित निराकरण में मदद मिलेगी।

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