मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर का संपूर्ण जीवन समाज, संस्कृति और राष्ट्र को समर्पित रहा है। उनका व्यक्तित्व और कृतित्व भारत की अमोल निधि है। लोकमाता के सुशासन, न्याय, शिक्षा, समाज कल्याण, धर्म कल्याण, जल संरक्षण और संवर्धन जैसे कार्यों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने एवं उनके जीवन से प्रेरणा लेने के उद्देश्य से इंदौर के राजवाड़ा स्थित दरबार हाल में मंत्रि-परिषद की विशेष बैठक आयोजित की गई।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैठक की शुरुआत में कहा कि मालवा का गौरवशाली और स्वर्णिम इतिहास रहा है, जिसे रेखांकित करने की आवश्यकता है।उन्होंने मल्हार राव होल्कर, लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर और बाजीराव जैसे ऐतिहासिक व्यक्तित्वों को स्मरण करते हुए मालवा की पुण्य भूमि को नमन किया।मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के प्रेरणास्पद विचार “विरासत से विकास की ओर” से प्रेरणा लेकर मध्यप्रदेश में विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के साथ विकास की अवधारणा को मूर्त रूप दिया जा रहा है।

उन्होंने यह भी बताया कि मंत्रि-परिषद की पहली बैठक जनजातीय वीरांगना रानी दुर्गावती की स्मृति में जबलपुर में आयोजित की गई थी।इसी क्रम में आज की बैठक लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर को समर्पित की गई है। आगामी 3 जून को पचमढ़ी में जनजातीय राजा श्री भभूत सिंह की स्मृति में अगली मंत्रि-परिषद की बैठक आयोजित की जाएगी।मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ मंत्रि-परिषद के सभी सदस्यों ने परंपरागत धोती पहनकर मंत्रि-परिषद की बैठक में भाग लिया। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट और महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव ने मंत्रि-परिषद के सदस्यों को अंगवस्त्रम् ओढ़ाकर और सम्मान स्वरूप प्रतीक चिन्ह भेंट कर स्वागत किया।पूर्व लोकसभा अध्यक्ष श्रीमती सुमित्रा महाजन ने मंत्रि-परिषद के सदस्यों को देवी अहिल्या बाई होल्कर स्मारक के निर्माण से संबंधित प्रेजेंटेशन दिया।