नई दिल्ली, 17 अगस्त 2025 — प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी रविवार को अर्बन एक्सटेंशन रोड-2 (UER-II) और द्वारका एक्सप्रेसवे (Dwarka Expressway) के दिल्ली हिस्से का लोकार्पण करेंगे। लगभग 11,000 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित ये दोनों हाई-स्पीड कॉरिडोर दिल्ली, हरियाणा और पूरे एनसीआर क्षेत्र में आवागमन को सुगम बनाएंगे। इनके शुरू होने से न केवल दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक का दबाव लगभग 25 प्रतिशत घटेगा, बल्कि देश के अन्य हिस्सों के लिए भी यातायात संचालन और सुगम होगा।

द्वारका एक्सप्रेसवे : देश का पहला अर्बन एक्सप्रेसवे
द्वारका एक्सप्रेसवे को कुल चार पैकेजों में बांटा गया है — दो पैकेज गुरुग्राम इलाके में और दो पैकेज दिल्ली हिस्से में।
- गुरुग्राम पैकेज :
- पहला पैकेज खेड़कीदौला टोल प्लाजा से बसई-धनकोट तक 8.76 किमी।
- दूसरा पैकेज बसई-धनकोट से गुरुग्राम-दिल्ली सीमा तक 10.2 किमी।
- दोनों पैकेज का निर्माण कार्य एलएंडटी कंपनी ने किया है।
- दिल्ली पैकेज :
- पहला पैकेज गुरुग्राम-दिल्ली सीमा से बिजवासन तक 4.20 किमी।
- दूसरा पैकेज बिजवासन से महिपालपुर (शिवमूर्ति) तक 5.90 किमी।
- इन पैकेजों का निर्माण जय कुमार इंफ्रा प्रोजेक्ट लिमिटेड ने किया है।
कुल 29 किलोमीटर लंबाई वाले इस प्रोजेक्ट का 18.9 किलोमीटर हिस्सा गुरुग्राम में और 10.1 किलोमीटर हिस्सा दिल्ली में है। इसमें से लगभग 23 किलोमीटर हिस्सा एलिवेटेड और करीब 4 किलोमीटर हिस्सा भूमिगत (टनल) है।
आधुनिक निर्माण और तकनीकी उपलब्धियां
द्वारका एक्सप्रेसवे का सबसे खास आकर्षण पालम एयरपोर्ट तक जाने वाली 3.6 किलोमीटर लंबी अंडरग्राउंड सुरंग है। यह देश का पहला अर्बन एक्सप्रेसवे है, जिसका एलिवेटेड हिस्सा सिंगल पिलर तकनीक पर आधारित है।
निर्माण कार्य में आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया गया है :
- 2 लाख एमटी स्टील का उपयोग, जो एफिल टॉवर के निर्माण में लगे स्टील से 30 गुना अधिक है।
- 20 लाख सीयूएम कंक्रीट का इस्तेमाल, जो बुर्ज खलीफा की तुलना में 6 गुना अधिक है।
- परियोजना के लिए 12,000 से अधिक पेड़ों का सफलतापूर्वक ट्रांसप्लांटेशन किया गया है।
लाभ और असर
द्वारका एक्सप्रेसवे और UER-II के चालू होने से :
- दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक का दबाव लगभग 25% कम होगा।
- दिल्ली, गुरुग्राम और एनसीआर के यात्रियों को तेज और निर्बाध आवागमन की सुविधा मिलेगी।
- एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी आसान होगी और माल परिवहन में भी तेजी आएगी।
- दिल्ली और हरियाणा के बीच कनेक्टिविटी को नया आयाम मिलेगा, जिससे आर्थिक और सामाजिक विकास की गति बढ़ेगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों उद्घाटन के साथ ही यह परियोजना भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास की दिशा में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि मानी जा रही है।