पिपरहवा अवशेषों की वापसी पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जताया गौरव,

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार “विकास भी, विरासत भी” के संकल्प को साकार करते हुए निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है। इसी क्रम में भगवान बुद्ध से जुड़े पिपरहवा अवशेषों की 127 वर्षों बाद स्वदेश वापसी को मुख्यमंत्री ने हर भारतीय के लिए गौरवशाली क्षण बताया।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री श्री मोदी का विशेष रूप से अभिनंदन करते हुए कहा कि यह कदम भारत की सांस्कृतिक धरोहर के सम्मान और पुनर्स्थापन की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ अवशेषों की वापसी नहीं, बल्कि हमारी सभ्यता, विरासत और आत्मगौरव की पुनर्प्रतिष्ठा है।डॉ. यादव ने भगवान बुद्ध का स्मरण करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश की भूमि बौद्ध धर्म की समृद्ध स्थापत्य, शिक्षा और साधना परंपरा की साक्षी रही है। यहाँ के सांची स्तूप और बौद्ध विश्वविद्यालयों की पहचान विश्व पटल पर है।मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तरप्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले में स्थित पिपरहवा गांव से प्राप्त पवित्र अवशेषों का ब्रिटेन से भारत लौटना केंद्र सरकार की उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसमें देश की सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित और पुनः प्रतिष्ठित करने का लक्ष्य निहित है।

पिपरहवा गांव पुरातात्विक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। यहाँ विस्तृत पिपरहवा स्तूप और बौद्ध मठों के प्राचीन अवशेष आज भी मौजूद हैं। ऐसा माना जाता है कि भगवान बुद्ध ने अपने जीवन के प्रारंभिक 29 वर्ष यहीं व्यतीत किए थे।मुख्यमंत्री ने कहा कि यह स्वदेश वापसी न केवल पुरातात्विक महत्व की है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए गौरव, प्रेरणा और सांस्कृतिक आत्मविश्वास का स्रोत भी बनेगी।

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