
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन आगामी जी-20 शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे, जिसका आयोजन इस बार दक्षिण अफ्रीका की अध्यक्षता में 21-22 नवंबर को किया जा रहा है।क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने गुरुवार को संवाददाताओं से कहा, “किसी न किसी रूप में राष्ट्रपति पुतिन जी-20 में भाग लेंगे। किसी भी स्थिति में, रूस की भागीदारी उचित स्तर पर और यथासंभव सक्रिय होगी। हम जी-20 के कार्यों के सभी पहलुओं में सक्रिय रूप से शामिल हैं।”गौरतलब है कि 2023 में भारत और 2024 में ब्राज़ील में आयोजित जी-20 शिखर सम्मेलनों में पुतिन ने हिस्सा नहीं लिया था। इन दोनों अवसरों पर विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने रूस का प्रतिनिधित्व किया था। ऐसे में दक्षिण अफ्रीका में होने जा रहे इस सम्मेलन में पुतिन की उपस्थिति को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।विशेषज्ञों का मानना है कि पिछले कुछ वर्षों में रूस और दक्षिण अफ्रीका के संबंध अन्य देशों की तुलना में अधिक गहरे हुए हैं। दोनों देशों के बीच संबंध मुख्य रूप से ब्रिक्स समूह की सदस्यता और रणनीतिक साझेदारी पर आधारित हैं। 1992 में औपचारिक राजनयिक संबंध स्थापित होने के बाद 2013 में दोनों देशों ने एक व्यापक रणनीतिक साझेदारी समझौते पर हस्ताक्षर किए थे।
आज रूस और दक्षिण अफ्रीका राजनीतिक, आर्थिक, तकनीकी और सांस्कृतिक क्षेत्रों में घनिष्ठ सहयोग कर रहे हैं। दक्षिण अफ्रीका जहां अंतरराष्ट्रीय संघर्षों में तटस्थता बनाए रखने का प्रयास करता है, वहीं रूस की उपनिवेशवाद-विरोधी विचारधारा का समर्थन भी करता रहा है।अंतरराष्ट्रीय राजनीति के इस दौर में पुतिन का दक्षिण अफ्रीका में जी-20 शिखर सम्मेलन में भाग लेना न केवल रूस-दक्षिण अफ्रीका संबंधों को और गहरा करेगा, बल्कि जी-20 की सामूहिक नीतियों और निर्णयों पर भी प्रभाव डाल सकता है।