नोहलेश्वर महोत्सव में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विकास योजनाओं की घोषणा

डॉ. मोहन यादव ने कहा कि नोहलेश्वर महादेव की ऐसी महिमा है कि जो भी यहां एक बार आता है, उसका मन बार-बार यहां आने को करता है। भगवान नोहलेश्वर महादेव के आशीर्वाद से प्रदेश सरकार विकास और जनकल्याण के कार्यों को पूरी ऊर्जा और जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि नोहलेश्वर महोत्सव केवल आस्था का ही नहीं, बल्कि स्थानीय संस्कृति, परंपरा और सामाजिक समरसता का भी उत्सव है। राज्य सरकार आस्था स्थलों के संरक्षण और पर्यटन विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को नोहटा में आयोजित नोहलेश्वर महोत्सव मेले के अवसर पर किसान सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर मेले का शुभारंभ किया और नोहलेश्वर मंदिर परिसर तथा मेला परिसर में विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई विकास प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।मुख्यमंत्री ने क्षेत्रीय जनता की मांग पर नोहटा को परीक्षण के उपरांत नगर परिषद बनाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि दमोह में 2 करोड़ रुपये की लागत से गीता भवन का निर्माण कराया जाएगा। साथ ही बांदकपुर-सेमरखो जलाशय की क्षमता बढ़ाकर 600 करोड़ रुपये की नई सिंचाई परियोजना विकसित की जाएगी, जिससे जिले के 33 गांवों के किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिल सकेगा। इसके अतिरिक्त दमोह में 10 करोड़ रुपये की लागत से वॉटर स्पोर्ट्स, बोट क्लब और अन्य पर्यटन गतिविधियों का विकास भी किया जाएगा।मुख्यमंत्री ने कहा कि तेंदूखेड़ा और हटा में खेल गतिविधियों को प्रोत्साहन देने के लिए नए स्टेडियम बनाए जाएंगे। इस अवसर पर सुप्रसिद्ध भजन गायिका शहनाज अख्तर का अभिनंदन भी किया गया।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार दमोह के साथ पूरे बुंदेलखंड के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। तेंदूखेड़ा में 165 करोड़ रुपये की नई योजना को स्वीकृति दी गई है और दमोह के लिए नया फोर लेन मार्ग भी मंजूर किया गया है। उन्होंने कहा कि जिले में पर्यटन के साथ उद्योगों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि सहित सभी क्षेत्रों में संतुलित विकास पर सरकार का विशेष ध्यान है। दमोह में जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए जैविक हाट लगाए जा रहे हैं, जहां अब तक 28 लाख रुपये के उत्पादों की बिक्री हो चुकी है। उन्होंने किसानों को खाद वितरण के लिए ई-टोकन व्यवस्था की सराहना भी की।मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान देश के अन्नदाता हैं और उनकी खुशहाली से ही देश समृद्ध बनेगा। उन्होंने बताया कि खेती के साथ पशुपालन को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य प्रदेश का दूध उत्पादन 9 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक करना है। पशुपालन, गौपालन और गौ-संरक्षण के क्षेत्र में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हमेशा किसानों के हितों को सर्वोपरि रखा है और सरकार किसानों के स्वास्थ्य पर भी विशेष ध्यान दे रही है।मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति में माताओं-बहनों का स्थान सर्वोच्च है और सरकार लाड़ली बहनों के साथ खड़ी है। योजना के अंतर्गत उन्हें हर महीने 1500 रुपये की सहायता राशि दी जा रही है, जिससे वे अपने परिवार का पालन-पोषण बेहतर तरीके से कर सकें।उन्होंने कहा कि दमोह में औद्योगिक क्षेत्र के विकास से युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। केन-बेतवा लिंक परियोजना से जिले को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिलेगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि नोहलेश्वर मंदिर 1100 वर्ष से अधिक प्राचीन है और इसका निर्माण कलचुरी काल में महारानी नोहला द्वारा कराया गया था। महोत्सव से क्षेत्र में पर्यटन को नई ऊर्जा मिल रही है।मुख्यमंत्री ने वन्यजीव संरक्षण का उल्लेख करते हुए कहा कि कूनो नेशनल पार्क में चीतों के पुनर्स्थापन से प्रदेश में नया अध्याय शुरू हुआ है। यहां लाए गए चीतों की संख्या बढ़कर अब 35 हो चुकी है। जल्द ही नौरादेही अभयारण्य में भी चीतों को छोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि वन्यजीव पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए होम-स्टे योजना लागू की गई है, जिससे ग्रामीणों की आय बढ़ रही है और रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं।कार्यक्रम में संस्कृति, पर्यटन एवं धार्मिक न्यास राज्यमंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी, दमोह सांसद राहुल सिंह लोधी सहित अनेक जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे। उन्होंने भी क्षेत्रीय विकास योजनाओं और सिंचाई परियोजनाओं पर सरकार के प्रयासों की सराहना की।

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