मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि अमरकंटक, जो कि धार्मिक एवं पर्यटन दृष्टि से विश्व प्रसिद्ध स्थल है, उसके पर्यटन विकास को नई दिशा देने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। अमरकंटक को त्रिवेणी संगम – नर्मदा, सोन और जोहिला नदियों के उद्गम स्थल के रूप में विशेष महत्व प्राप्त है। मध्यप्रदेश सरकार नर्मदा परिक्रमा पथ क्षेत्र के समग्र विकास हेतु संकल्पबद्ध है। इसके अंतर्गत घाटों का सौंदर्यीकरण, अन्न क्षेत्र का विकास तथा वृहद वृक्षारोपण किया जाएगा।मुख्यमंत्री ने कहा कि नदियाँ हमारी समृद्धि की धारा हैं और नर्मदा परिक्रमा करने वाले तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए विश्राम भवनों का निर्माण कराया जाएगा। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि अनूपपुर में 13 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित रामसेतु, ऋषिकेश में गंगा नदी पर बने सेतु की स्मृति दिलाता है।मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को अनूपपुर जिले के कोतमा में आयोजित ‘हरियाली से खुशहाली का नया परिवेश’ कार्यक्रम में अमृत हरित महाअभियान तथा हितग्राही सम्मेलन को रीवा से वर्चुअल माध्यम से संबोधित कर रहे थे।इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने रिमोट का बटन दबाकर कुल 443.31 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 114 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। कार्यक्रम में नीट एवं जेईई कोचिंग योजना का शुभारंभ भी किया गया, जिससे जिले के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा।डॉ. यादव ने प्रसाद योजना के अंतर्गत अमरकंटक में नर्मदा नदी पर निर्मित राम घाट पर बने रामसेतु का लोकार्पण भी किया।