दावोस में मंगलवार को आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के दौरान गूगल के एशिया पैसिफिक क्षेत्र के प्रेसिडेंट श्री संजय गुप्ता के साथ मध्यप्रदेश शासन के वरिष्ठ अधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में राज्य में आईटी, आईटीईएस सेक्टर और मौजूदा व प्रस्तावित डेटा सेंटर परियोजनाओं में निवेश की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री राकेश शुक्ला सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।बैठक के दौरान श्री संजय गुप्ता ने मध्यप्रदेश में आईटी, आईटीईएस और डेटा सेंटर सेक्टर में निवेश को लेकर गहरी रुचि व्यक्त की। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की भौगोलिक स्थिति, बढ़ती डिजिटल अवसंरचना और अनुकूल नीतिगत वातावरण इसे तकनीकी निवेश के लिए एक आकर्षक गंतव्य बनाते हैं। गूगल की ओर से यह भी साझा किया गया कि कंपनी राज्य में जेमिनी एआई (Gemini AI) के माध्यम से कृषि और शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में नवाचार और डिजिटल समाधान लागू करने की संभावनाओं पर गंभीरता से विचार कर रही है।बैठक में राज्य शासन ने आईटी एवं डेटा सेंटर परियोजनाओं के लिए पर्याप्त, विश्वसनीय और सतत विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने की अपनी योजना से अवगत कराया। अधिकारियों ने बताया कि इसके लिए हरित ऊर्जा आधारित विशेष नीति तैयार की जा रही है, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ वैश्विक तकनीकी कंपनियों की ऊर्जा संबंधी आवश्यकताओं को भी पूरा किया जा सके। इस अवसर पर यह भी रेखांकित किया गया कि मध्यप्रदेश न केवल आवश्यक बुनियादी ढांचे से सुसज्जित है, बल्कि निवेशकों के लिए सहयोगी और पारदर्शी प्रशासनिक दृष्टिकोण भी अपनाता है।

नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री राकेश शुक्ला ने कहा कि राज्य सरकार स्वच्छ और नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है और डेटा सेंटर जैसी ऊर्जा-गहन परियोजनाओं के लिए ग्रीन एनर्जी समाधान उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे निवेशकों को दीर्घकालिक स्थिरता और लागत प्रभावशीलता का लाभ मिलेगा।गूगल के एशिया पैसिफिक क्षेत्र के प्रेसिडेंट श्री संजय गुप्ता ने आईटी अवसंरचना, डिजिटल नवाचार और कौशल विकास के क्षेत्र में मध्यप्रदेश के साथ मिलकर काम करने पर सहमति व्यक्त की। उन्होंने कहा कि गूगल राज्य को एक उभरते तकनीकी केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में सहयोग देने के लिए तत्पर है। यह बैठक मध्यप्रदेश को देश के प्रमुख आईटी और डिजिटल हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।