मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि बेटियों के सशक्तिकरण और महिला उत्थान के लिए मध्यप्रदेश सरकार निरंतर ऐतिहासिक निर्णय ले रही है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार के समय प्रदेश में बेटा-बेटी के लिंगानुपात में बड़ा अंतर था, लेकिन हमारी सरकार ने “लाड़ली लक्ष्मी योजना” के माध्यम से यह सुनिश्चित किया कि बेटी जन्म से ही लखपति हो।मुख्यमंत्री ने कहा कि जब लाड़ली बेटियाँ 18 वर्ष की होंगी, तो उन्हें सरकार की ओर से 1 लाख रुपए से अधिक की राशि प्रदान की जाएगी। यह पहल बेटियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।डॉ. यादव ने बताया कि राज्य सरकार लाड़ली बहना योजना और महिला स्व-सहायता समूहों को और अधिक सशक्त करने के लिए ठोस प्रयास कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय जो पूर्ववर्ती सरकार के समय केवल 11 हजार रुपए थी, वह अब बढ़कर 1 लाख 52 हजार रुपए हो गई है – यह सरकार की विकासमुखी नीतियों और महिला भागीदारी के चलते संभव हुआ है।मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि आगामी रक्षाबंधन से पहले सभी पात्र लाड़ली बहनों को 250 रुपए की अतिरिक्त शगुन राशि प्रदान की जाएगी। साथ ही, दीपावली के बाद सभी लाड़ली बहनों को ₹1500 प्रतिमाह की नियमित सहायता राशि प्रदान की जाएगी।डॉ. यादव ने कहा, “जब बहन-बेटियों के हाथ में पैसा होता है, तो घर बेहतर ढंग से चलता है। यही कारण है कि हमारी सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर और सम्मानपूर्ण जीवन देने के लिए सतत प्रयासरत है।”