
भोपाल। परम पूज्य श्री देव प्रभाकर शास्त्री जी दद्दाजी की पावन स्मृति में विश्व कल्याण, राष्ट्र कल्याण एवं प्रदेश कल्याण के उद्देश्य से 137वें सवा करोड़ पार्थिव शिवलिंग निर्माण, महारुद्राभिषेक एवं श्रीमद्भागवत कथा का विशाल आयोजन 12 से 18 मार्च 2026 तक भोपाल के दशहरा मैदान, बिट्टन मार्केट में आयोजित किया जाएगा। इस सात दिवसीय धार्मिक आयोजन को लेकर दद्दा शिष्य मंडल द्वारा व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं।इस आयोजन की शुरुआत भव्य कलश यात्रा के साथ होगी। कलश यात्रा 11 मार्च 2026 को दोपहर 3 बजे बिट्टन मार्केट चौराहे से प्रारंभ होकर यज्ञ स्थल दशहरा मैदान तक पहुंचेगी। इस यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, संत-महात्मा और धर्मप्रेमी नागरिक शामिल होंगे। आयोजन समिति के अनुसार यह धार्मिक आयोजन भोपाल में सनातन धर्म के क्षेत्र में एक नया आयाम स्थापित करेगा।समिति के अनुसार इस आयोजन में सवा करोड़ पार्थिव शिवलिंग निर्माण का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें देशभर से आने वाले श्रद्धालु भाग लेंगे। शिवभक्त मिट्टी से पार्थिव शिवलिंग बनाकर भगवान शिव का अभिषेक करेंगे और विश्व शांति एवं मानव कल्याण की कामना करेंगे। आयोजन स्थल पर प्रतिदिन लाखों श्रद्धालुओं के बैठने और पूजा-अर्चना करने की विशेष व्यवस्था की गई है।महारुद्राभिषेक और पार्थिव शिवलिंग निर्माण के लिए विशाल पंडाल तैयार किया गया है। साथ ही जल व्यवस्था, विद्युत सज्जा, सुरक्षा, स्वच्छता और अन्य आवश्यक सुविधाओं के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। आयोजन स्थल को आकर्षक सजावट और धार्मिक वातावरण के अनुरूप भव्य रूप दिया जा रहा है।

इस आयोजन के दौरान प्रतिदिन श्रीमद्भागवत कथा का वाचन भी किया जाएगा। कथा का वाचन गोलोकवासी गृहस्थ संत परम पूज्य गुरुदेव पंडित देव प्रभाकर शास्त्री दद्दाजी के ज्येष्ठ पुत्र, प्रसिद्ध कथावाचक पूज्य श्री अनिल प्रभाकर शास्त्री जी (बड़े भैय्या) के मुखारविंद से होगा। उनके प्रवचनों के माध्यम से श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ज्ञान, धर्म और संस्कृति से जुड़ी प्रेरणादायक शिक्षाएं प्राप्त होंगी।दद्दा शिष्य मंडल द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पार्किंग व्यवस्था और स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया गया है। आयोजन स्थल पर भव्य सजावट के साथ भजन-कीर्तन, धार्मिक संगीत और आध्यात्मिक कार्यक्रमों की भी व्यापक तैयारियां की जा रही हैं, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहेगा।आयोजन समिति ने सभी धर्मप्रेमी नागरिकों और श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे समय पर कार्यक्रम स्थल पर पहुंचकर इस महान धार्मिक आयोजन में सहभागी बनें और इसे सफल बनाने में अपना योगदान दें।समिति का कहना है कि यह आयोजन न केवल भोपाल नगरवासियों के लिए गौरव का विषय है, बल्कि विश्व पटल पर भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा और आध्यात्मिक धरोहर की महानता को भी प्रदर्शित करेगा।