
प्रदेश की सामाजिक समरसता, संवैधानिक मूल्यों और पिछड़े वर्गों के अधिकारों से जुड़े तीन अत्यंत गंभीर विषयों को लेकर हमारी पार्टी, राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सांसद माननीय चन्द्रशेखर आजाद जी के निर्देशानुसार, शीघ्र आंदोलन का रास्ता अपनाने जा रही है। इन मुद्दों को लेकर प्रदेशभर में गहरा असंतोष व्याप्त है, जिसे अब अनदेखा करना राज्य सरकार के लिए घातक सिद्ध हो सकता है।और सबसे गंभीर विषय ग्वालियर हाईकोर्ट परिसर में भारत रत्न, संविधान निर्माता बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर जी की प्रतिमा स्थापना से जुड़ा है। यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि कुछ मनुवादी एवं संविधान विरोधी तत्वों के हस्तक्षेप के कारण अब तक यह कार्य लंबित पड़ा हुआ है। बाबा साहब की प्रतिमा की स्थापना में जानबूझकर की जा रही देरी से ग्वालियर-चंबल अंचल में जातिगत तनाव की स्थिति उत्पन्न हो चुकी है, जो किसी भी समय अप्रिय घटना का रूप ले सकती है। हमारी स्पष्ट और न्यायसंगत माँग है कि राज्य सरकार एक सप्ताह के भीतर सख्त निर्णय लेते हुए हाईकोर्ट परिसर में बाबा साहब की प्रतिमा तत्काल प्रभाव से स्थापित कराए। इसके साथ ही, बाबा साहब का अपमान करने वाले तत्वों पर तीन दिनों के भीतर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत कठोर कार्रवाई कर उन्हें जेल भेजा जाए, ताकि समाज में स्पष्ट संदेश जाए कि संविधान और उसके निर्माता का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।दूसरा विषय अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) आरक्षण से जुड़ा हुआ है। आपको भली-भांति ज्ञात है कि 13 प्रतिशत आरक्षण होल्ड के कारण हजारों पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थी वर्षों से प्रतीक्षा में हैं। प्रदेश सरकार द्वारा “डंके की चोट पर आरक्षण” देने के किए गए वादे को पूरा होते देखना पिछड़ा समाज का वैधानिक अधिकार है। इस मुद्दे को लेकर ओबीसी महासभा समय-समय पर आंदोलन करती रही है और आगामी 30 जनवरी को गुर्जर स्वाभिमान संघर्ष समिति भी बड़े आंदोलन की तैयारी कर रही है। हमारी स्पष्ट माँग है कि तत्काल प्रभाव से 13 प्रतिशत होल्ड हटाया जाए। यदि सरकार इस दिशा में शीघ्र निर्णय नहीं लेती है, तो हमारी पार्टी भी पिछड़ा वर्ग के हित में 30 जनवरी को होने वाले विशाल आंदोलन का खुला समर्थन करेगी।

तीसरा विषय प्रदेश में तेजी से बढ़ते अंधविश्वास, पाखंड और सांप्रदायिकता से जुड़ा हुआ है। धीरेंद्र शास्त्री और प्रदीप मिश्रा जैसे तथाकथित संत मध्यप्रदेश को आडंबर और पाखंड की प्रयोगशाला बनाते जा रहे हैं। इनके कथित चमत्कारों और भ्रामक प्रवचनों के कारण प्रदेश का युवा वर्ग शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसे मूलभूत मुद्दों से भटक रहा है। माताओं-बहनों को झूठे चमत्कारों का लालच देकर बड़े पैमाने पर अंधविश्वास की ओर धकेला जा रहा है। इसके साथ ही, हिंदू राष्ट्र के नाम पर मुस्लिम समाज के विरुद्ध नफरती बयान देकर सामाजिक सौहार्द को भी गंभीर नुकसान पहुँचाया जा रहा है। हमारी माँग है कि इन दोनों व्यक्तियों की कथाओं एवं सार्वजनिक आयोजनों पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगाया जाए।मुख्यमंत्री महोदय, इस प्रेस नोट के माध्यम से प्रदेश सरकार को स्पष्ट चेतावनी दी जाती है कि यदि इन तीनों गंभीर समस्याओं का समाधान आगामी 16 जनवरी तक नहीं किया गया, तो हमारी पार्टी और संगठन 17 जनवरी को पुनः प्रेस कॉन्फ्रेंस कर एक बड़े, प्रदेशव्यापी आंदोलन की घोषणा करेंगे। यह आंदोलन संविधान, सामाजिक न्याय और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए होगा, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी।