रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन चीन के विक्ट्री डे परेड में महाविनाशक परमाणु हथियारों के प्रदर्शन को देखने के बाद स्वदेश लौट आए हैं। चीन से लौटते ही पुतिन सीधे रूस के फार ईस्ट इलाके में पहुंचे और ईस्टर्न इकोनॉमिक फोरम को संबोधित किया।पुतिन ने कहा कि फार ईस्ट क्षेत्र रूस के लिए रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि इस इलाके में इतना कोयला मौजूद है कि अगले 900 वर्षों तक इसकी कमी नहीं होगी। इसके अलावा यहां तेल और गैस के भी विशाल भंडार हैं, जिनका अभी तक पूर्ण उपयोग नहीं हो सका है।राष्ट्रपति पुतिन ने जोर देते हुए कहा कि फार ईस्ट का विकास एक राष्ट्रीय प्राथमिकता है और इस दिशा में ठोस कदम उठाने आवश्यक हैं। उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र में बिजली की खपत में 28 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, जो रूस के राष्ट्रीय औसत 14 प्रतिशत से कहीं अधिक है। उन्होंने इसे एक सकारात्मक संकेतक बताया, जो दर्शाता है कि इस क्षेत्र में वास्तविक प्रगति हो रही है।पुतिन ने यह भी उल्लेख किया कि फार ईस्ट में खनन गतिविधियों का विस्तार हो रहा है और तेल व गैस संसाधनों के बेहतर उपयोग हेतु नई योजनाओं पर काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र का विकास न केवल रूस की अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाएगा, बल्कि एशिया-प्रशांत क्षेत्र में रूस की सामरिक स्थिति को भी मजबूत करेगा।