
उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत तेजी से विकास की ओर अग्रसर है। वर्ष 2047 तक विश्व का नेतृत्व करने के लिए देश में विकास के सभी प्रमुख क्षेत्रों—मैन्युफैक्चरिंग, सर्विसेज और कृषि—में भविष्योन्मुखी योजनाएँ लागू की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण के साथ स्वस्थ भारत भी उतना ही महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री का स्पष्ट दृष्टिकोण है कि विकास सतत एवं संवहनीय होना चाहिए, और इसी के अनुरूप ई-मोबिलिटी भविष्य को दिशा दे रही है।उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में एमपीआईडीसी और सीआईआई के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ग्रीन लॉजिस्टिक कॉन्क्लेव-2025 के शुभारंभ सत्र को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर एमडी एमपीआईडीसी श्री चंद्रमौली शुक्ला, सीआईआई के वाइस प्रेसिडेंट श्री महेश पंजवानी, एनएचईवी के प्रतिनिधि और इलेक्ट्रिक व्हीकल एवं लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में कार्यरत अनेक उद्योग संस्थानों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि सरकार का लक्ष्य सतत एवं पर्यावरण-अनुकूल विकास को प्रोत्साहित करना है। उन्होंने बताया कि प्रदेशव्यापी निरोगी काया अभियान के अंतर्गत करोड़ों नागरिकों की निःशुल्क स्वास्थ्य जाँच की गई। जाँच में लगभग 30 प्रतिशत नागरिकों में ब्लड प्रेशर, शुगर और डायबिटीज जैसी बीमारियों के चिन्ह मिलने से यह स्पष्ट होता है कि पर्यावरण-सम्मत विकास ही भविष्य की दिशा है।उन्होंने कहा कि आज भले ही ई-व्हीकल महंगे प्रतीत होते हों, लेकिन उनकी ऑपरेटिंग कॉस्ट परंपरागत वाहनों से 70 गुना कम है और उनकी उम्र (लाइफ) भी दोगुनी होती है। जैसे-जैसे ई-वाहनों की मांग बढ़ेगी, उनकी प्रारंभिक लागत भी कम होती जाएगी। उन्होंने ई-वाहन अपनाने और प्रोत्साहित करने के लिए सतत जागरूकता की आवश्यकता पर जोर दिया।उन्होंने कहा कि ई-मोबिलिटी के तेज विकास के लिए आवश्यक है कि ई-हाईवे, चार्जिंग स्टेशन, और ई-इंफ्रास्ट्रक्चर को तेजी से विकसित किया जाए। राज्य सरकार इस दिशा में सक्रिय रूप से कार्य कर रही है और पूर्णतः प्रतिबद्ध है।
एमडी एमपीआईडीसी श्री चंद्रमौली शुक्ला ने बताया कि स्टेट लॉजिस्टिक एक्शन प्लान में ई-लॉजिस्टिक्स को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। इसके लिए आवश्यक अधोसंरचना विकास पर सभी स्टेकहोल्डर्स के साथ विस्तृत मंथन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शहरों के लिए सिटी एक्शन प्लान भी तैयार किया जाएगा।श्री शुक्ला ने सभी स्टेकहोल्डर्स से सुझाव आमंत्रित करते हुए कहा कि इन सुझावों को स्टेट एक्शन प्लान में शामिल किया जाएगा, ताकि प्रदेश के लिए एक मजबूत एवं भविष्य-उन्मुख ई-मोबिलिटी रणनीति बनाई जा सके।
उद्योग जगत की भागीदारी और अपेक्षाएँ
कॉनक्लेव में मौजूद औद्योगिक प्रतिनिधियों ने देश, विदेश और प्रदेश में ई-मोबिलिटी के अवसरों, भविष्य की संभावनाओं, लॉजिस्टिक इंफ्रास्ट्रक्चर और पर्यावरण अनुकूल विकास पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा लागू National Highway for Electric Vehicle (NHEV) के प्रावधानों का उल्लेख करते हुए कहा कि वे केंद्र और राज्य सरकारों के साथ मिलकर सतत और संवहनीय विकास में योगदान देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।प्रतिनिधियों ने केंद्र और राज्य सरकार की ई-मोबिलिटी को प्रोत्साहित करने वाली सकारात्मक नीतियों के लिए आभार व्यक्त किया और भरोसा जताया कि आगामी वर्षों में मध्यप्रदेश देश का प्रमुख लॉजिस्टिक और ई-मोबिलिटी हब बनकर उभरेगा।