खंडवा बना देश-प्रदेश का टॉप जिला, राज्यों में मध्यप्रदेश देश में चौथे नंबर पर,

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में 30 मार्च से 30 जून 2025 तक संचालित जल गंगा संवर्धन अभियान मध्यप्रदेश में जल संरक्षण के क्षेत्र में जन-सहभागिता को सशक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल सिद्ध हो रहा है। इस अभियान का उद्देश्य नदियों, जल स्रोतों एवं वेटलैंड्स के संरक्षण एवं पुनर्जीवन को सुनिश्चित करना है।राज्य सरकार ने पाँच प्रमुख क्षेत्रों — पुराने एनआरएम कार्य, खेत-तालाब, डगवेल, अमृत सरोवर और मायभारत पंजीयन — पर आधारित 100 अंकों की रैंकिंग प्रणाली लागू की है। इस आधार पर खंडवा जिला 71.09 अंकों के साथ शीर्ष पर रहा। खेत-तालाब निर्माण, डगवेल रिचार्ज और अमृत सरोवर की शुरुआत में खंडवा का प्रदर्शन सर्वोत्तम रहा। रायसेन (60.85 अंक), बालाघाट (59.52 अंक) और बुरहानपुर (55.85 अंक) क्रमशः दूसरे, तीसरे व चौथे स्थान पर रहे। प्रदेश के अधिकांश जिलों ने अमृत सरोवर और मायभारत श्रेणियों में पूर्ण अंक प्राप्त किए, हैं।मध्यप्रदेश राज्य रोजगार गारंटी परिषद द्वारा जारी नवीनतम राज्य स्तरीय प्रदर्शन डैशबोर्ड के अनुसार खंडवा जिला जल संरक्षण प्रयासों में प्रथम स्थान पर है। इससे पूर्व एक केन्द्रीय एजेंसी द्वारा भी खंडवा को देश का शीर्ष जिला घोषित किया जा चुका है। राष्ट्रीय स्तर पर मध्यप्रदेश को चौथा स्थान प्राप्त हुआ है।

प्रमुख उपलब्धियाँ:

  • खेत-तालाब निर्माण:
    निर्धारित लक्ष्य 77,940 के विरुद्ध 79,815 खेत-तालाबों का निर्माण प्रारंभ किया गया, जो लक्ष्य से अधिक (102.4%) है। प्रतिदिन औसतन 1,078 खेत-तालाब बनाए जा रहे हैं।
  • डगवेल रिचार्ज संरचना:
    निर्धारित 1,03,900 संरचनाओं में से 1,00,321 संरचनाओं का कार्य प्रगति पर है, जो 96.56% लक्ष्य की प्राप्ति दर्शाता है। प्रतिदिन औसतन 1,355 डगवेल निर्माण प्रारंभ किए जा रहे हैं।
  • अमृत सरोवर:
    लक्ष्य 992 के मुकाबले 1,254 अमृत सरोवर निर्माणाधीन हैं, जो योजना की सफलता का स्पष्ट संकेत है।
  • जलदूत पंजीयन (मायभारत पोर्टल):
    निर्धारित लक्ष्य 1,62,400 के मुकाबले अब तक 2,30,749 स्वयंसेवकों का पंजीकरण हो चुका है, जो लक्ष्य से काफी अधिक (142%) है।
यह अभियान न केवल जल संरक्षण की दिशा में एक सशक्त प्रयास है, बल्कि यह समाज के सभी वर्गों को जल-संवर्धन की जिम्मेदारी से जोड़ते हुए एक व्यापक जनांदोलन का रूप ले चुका है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *