ग्वालियर। मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश सरकार सभी वर्गों के कल्याण के लिए दृढ़ संकल्पित होकर कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश विधानसभा में 4 लाख 38 हजार करोड़ रुपए से अधिक का ऐतिहासिक बजट प्रस्तुत किया गया है। कृषि कल्याण वर्ष के अंतर्गत किसानों के लिए एक लाख करोड़ रुपए से अधिक का प्रावधान किया गया है, जो सरकार की किसान हितैषी प्रतिबद्धता का प्रमाण है।मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को ग्वालियर जिले के भगवान जगन्नाथ की पुण्य भूमि ग्राम कुलैथ में आयोजित विशाल किसान सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने 87 करोड़ 21 लाख रुपए से अधिक लागत के 41 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन किया तथा क्षेत्र के लिए कई बड़ी घोषणाएँ कीं। उन्होंने कृषि तकनीकों पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश कृषि उत्पादन में अग्रणी है और किसानों की आय बढ़ाने के लिए पशुपालन एवं दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा है। भीमराव अंबेडकर के नाम पर संचालित “डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना” के माध्यम से दूध उत्पादन को 9 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।उन्होंने घोषणा की कि किसानों की पट्टों वाली जमीन की रजिस्ट्री का पूरा खर्च सरकार वहन करेगी। इससे किसानों को बैंक ऋण और अन्य योजनाओं का लाभ लेने में सुविधा मिलेगी। सोलर पंप वितरण के माध्यम से किसानों को ऊर्जा उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। साथ ही केन-बेतवा लिंक परियोजना से चंबल क्षेत्र को भी लाभ मिलेगा, जिससे सिंचाई सुविधाएं बढ़ेंगी।मुख्यमंत्री ने कहा कि पहली से आठवीं कक्षा तक के बच्चों को सुपोषण के लिए नि:शुल्क दूध उपलब्ध कराया जाएगा। इस योजना के लिए बजट में प्रावधान किया गया है। लाड़ली बहनों के लिए 23 हजार करोड़ रुपए से अधिक राशि आवंटित की गई है।कल्याण के लिए सदैव तत्पर रहना चाहिए। इस अवसर पर स्थानीय ग्रामीण पारंपरिक लोक गायकों द्वारा प्रस्तुत कन्हैया लोकगीतों का आनंद भी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लिया। उन्होंने मनमोहक कन्हैया लोक गीत प्रस्तुत करने वाले लोक गायकों का पुष्प वर्षा कर अभिनंदन और उत्साहवर्धन किया। लोक गायन में भाग लेने वाली सभी 18 टीमों को 5 – 5 हजार रुपए का पुरस्कार देने की घोषणा की।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कन्हैया लोकगीतों का आनंद लिया और लोक कलाकारों का पुष्पवर्षा कर सम्मान किया। 18 लोक गायन टीमों को 5-5 हजार रुपए पुरस्कार देने की घोषणा की गई। इसके साथ ही पारंपरिक बैलगाड़ी दौड़ में शामिल 28 प्रतिभागियों को प्रोत्साहन राशि देने और विजेताओं के लिए 21 हजार व 11 हजार रुपए के पुरस्कार घोषित किए।रोड-शो के दौरान कुलैथ में स्थानीय नागरिकों ने पुष्प वर्षा कर मुख्यमंत्री का स्वागत किया। उन्होंने भी जनता का अभिवादन किया। कुलैथ क्षेत्र के विकास हेतु डंडे वाले बाबा मंदिर तक सड़क निर्माण, सामुदायिक भवन, खेल मैदान, उद्योग स्थापना तथा विभिन्न ग्राम पंचायतों को आबादी क्षेत्र घोषित करने की घोषणाएँ की गईं।किसान सम्मेलन में जिले के प्रभारी एवं जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, विधायक श्री मोहन सिंह राठौर, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती दुर्गेश कुँवर सिंह जाटव व उपाध्यक्ष श्रीमती प्रियंका सिंह घुरैया, संत श्री राजेश्वरानंद, मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष श्री सीताराम मांझी, लोकमाता अहिल्याबाई बोर्ड के अध्यक्ष श्री राजेन्द्र सिंह पाल, श्री आशीष अग्रवाल, श्री प्रेम सिंह राजपूत, बीज निगम के पूर्व अध्यक्ष श्री महेन्द्र सिंह यादव, श्री शिवराज सिंह यादव व श्री देवेन्द्र प्रताप सिंह तोमर सहित जनप्रतिनिधि मंचासीन थे।