कोलार ललिता नगर वाचनालय में श्रीमद् भागवत कथा का पंचम दिवस सम्पन्न,

भोपाल, कोलार। ललिता नगर वाचनालय में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के पावन अवसर पर आज कथा का पंचम दिवस उत्साह और श्रद्धा के वातावरण में सम्पन्न हुआ। कथा वाचक पंडित भूपेंद्र बिलगैया जी ने आज के दिन श्रीकृष्ण जी की बाल लीलाओं का रोचक और भक्तिमय वर्णन किया। कथा के दौरान उपस्थित भक्तगणों ने श्रद्धापूर्वक भगवान के दिव्य चरित्र का श्रवण किया और भक्ति भाव से मंत्रमुग्ध हो गए।समिति के प्रशांत रावत ने बताया कि इस अवसर पर भोपाल नगर निगम की महापौर श्रीमती मालती राय जी विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। उन्होंने कथा स्थल पर पहुँचकर भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन किए और कथा श्रवण किया। महापौर ने अपने उद्बोधन में शहरवासियों से अपील की कि वे शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखने के लिए मिलकर प्रयास करें। उन्होंने कहा कि यदि सभी नागरिक मिलकर प्रयास करेंगे, तो आगामी वर्ष के स्वच्छता सर्वेक्षण में भोपाल देश का सबसे स्वच्छ शहर अवश्य बनेगा।

श्रीमद् भागवत कथा का यह आयोजन लगातार तीसरे वर्ष ललिता नगर और राजहर्ष कॉलोनी के रहवासियों एवं व्यापारी बंधुओं के संयुक्त प्रयास से किया जा रहा है। इस वर्ष कथा 16 अगस्त से प्रारंभ हुई थी और प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से शाम 6 बजे तक चल रही है। आयोजन समिति ने बताया कि कथा के दौरान महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग बैठने की व्यवस्था की गई है ताकि सभी श्रद्धालु सुव्यवस्थित और शांतिपूर्ण वातावरण में कथा का आनंद ले सकें।आज के पंचम दिवस पर ललिता नगर मार्केट के व्यापारी बंधुओं द्वारा श्रद्धालुओं को प्रसाद स्वरूप खीर वितरण किया गया। आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि प्रतिदिन कथा के बाद प्रसाद वितरण की व्यवस्था की जाती है, जिससे भक्तजन भक्ति के साथ-साथ सामूहिक सहयोग की भावना को भी अनुभव करते हैं।

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के उपलक्ष्य में आयोजित यह कथा कार्यक्रम पूरे क्षेत्र में धार्मिक और सांस्कृतिक वातावरण का संचार कर रहा है। भक्तों का कहना है कि कथा से उन्हें न केवल आध्यात्मिक शांति प्राप्त हो रही है, बल्कि यह आयोजन समाज को एकजुट करने और सामूहिक सद्भाव को मजबूत करने का माध्यम भी बन रहा है।कथा वाचक पंडित भूपेंद्र बिलगैया जी ने अपने प्रवचन में भगवान श्रीकृष्ण के बाल्यकाल की लीलाओं का विस्तार से वर्णन करते हुए बताया कि किस प्रकार भगवान ने गोपियों और गोप बालकों के साथ आनंदमय जीवन व्यतीत किया और समस्त ब्रजवासियों को अपनी दिव्य कृपा से अभिभूत किया। उन्होंने भक्तों से आह्वान किया कि वे श्रीकृष्ण के आदर्शों को जीवन में अपनाकर धर्म, भक्ति और सेवा की भावना को आगे बढ़ाएं।आयोजन समिति ने सभी श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे आगामी दिनों में भी कथा में पधारकर भगवान के पावन चरित्र का श्रवण करें और श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव को भव्य बनाने में सहयोग करें।

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