‘कलचुरी’ उपनाम जोड़ने और महेश्वर को ‘राजराजेश्वर सहस्रबाहु धाम’ घोषित करने पर सहमति,

भोपाल। अखिल भारतवर्षीय हैहय कलचुरी महासभा की राष्ट्रीय कार्यसमिति की महत्वपूर्ण बैठक भोपाल स्थित जे.के. अस्पताल परिसर के सीएमई सभागार में संपन्न हुई। इस अवसर पर देशभर से आए समाजसेवी, बुद्धिजीवी, प्रतिनिधि और राष्ट्रीय पदाधिकारी शामिल हुए। बैठक की अध्यक्षता महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जय नारायण चौकसे ने की। बैठक की शुरुआत भगवान श्री सहस्रबाहु की विधि-विधान से पूजा-अर्चना के साथ हुई।बैठक में जातिगत जनगणना में समाज की वास्तविक उपस्थिति दर्ज कराने हेतु यह प्रस्ताव पारित किया गया कि जाति कॉलम में कलार, कलाल, कलवार, अहलुवालिया, जायसवाल, चौकसे, राय, शिवहरे आदि जैसे उपनामों से पूर्व ‘कलचुरी’ शब्द जोड़ा जाए। बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जय नारायण चौकसे ने कहा कि कि कलचुरी वंश के अंतर्गत आने वाले उपवर्गों की संख्या हजार से अधिक है, जो अलग-अलग उपनामों से जनगणना में शामिल होते हैं। इससे समाज की वास्तविक संख्या स्पष्ट नहीं हो पाती और राजनीतिक एवं प्रशासनिक लाभों से वंचित रह जाता है। उन्होंने बताया कि जब उपनामों से पहले ‘कलचुरी’ लिखा जाएगा तो समाज की एकजुटता और पहचान राष्ट्रीय स्तर पर और भी मजबूत होगी। बैठक में दूसरा प्रमुख प्रस्ताव मध्यप्रदेश के पावन नगर महेश्वर को ‘राजराजेश्वर सहस्रबाहु धाम’ के रूप में सरकार से घोषित करवाने का रखा गया, जिसे सभी प्रतिनिधियों ने सहर्ष समर्थन दिया। यह नगर कलचुरी समाज के आराध्य भगवान श्री सहस्रबाहु जी की जन्मस्थली और कर्मस्थली माना जाता है। श्री चौकसे ने घोषणा की कि वे इस स्थान पर भगवान सहस्रबाहु की विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा स्थापित करने का प्रयास करेंगे। श्री चौकसे दोनों बिंदुओ को समाज के लोगो तक पहुंचाने के लिए खर्च होने वाली राशि के लिए 25 लाख रुपये देने की घोषणा की और कहा कि सभी सामाजिक बंधु यदि फंड के लिए सहयोग करेंगे तो कम समय में हम सभी सामाजिक बंधुओं तक अपनी बात पहुंचा सकते है। उन्होने सभी संगठनों के प्रतिनिधियों से अपील करते हुए कहा कि जातिगत जनगणना के दौरान जाति से पहले कलचुरि शब्द का उपयोग अवश्य करें

सोशल मीडिया पर चलाया जाएगा अभियान

राष्ट्रीय महासचिव एडवोकेट एमएल राय ने समाज के युवाओं से राजराजेश्वर सहस्रबाहु धाम की जानकारी सोशल मीडिया के सभी प्लेटफार्म पर प्रसारित करने की अपील की ताकि राष्ट्रीय स्तर पर एक प्रभावशाली अभियान शुरू किया जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि विभिन्न उपनामों से समाज की पहचान बिखरती जा रही है, अतः एकरूपता के लिए सभी उपनामों से पहले ‘कलचुरी’ जोड़ा जाना आवश्यक है।देशभर से शामिल हुए प्रमुख प्रतिनिधिबैठक में राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. अनुपम चौकसे, राष्ट्रीय सलाहकार शंकरलाल राय, महासचिव एडवोकेट एम.एल. राय, प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौकसे, संगठन महासचिव ओपी चौकसे, कार्यालय महासचिव वीरेंद्र ‘पप्पू’ राय, प्रचार महासचिव हरिराम राय सहित देशभर से आए प्रतिनिधि उपस्थित थे। प्रमुख अतिथियों में भोपाल की महापौर श्रीमती मालती राय विशेष रूप से शामिल रहीं। देश के विभिन्न राज्यों से उपस्थित प्रमुख प्रतिनिधियों में जयपुर से शिवचरण हाड़ा, केरल से राजेन्द्र बाबू, पंजाब से तेगबीर सिंह, हैदराबाद से लक्ष्मण गौड, तेलंगाना से फिल्म अभिनेता जय हिंद गौड, नागपुर से चंद्रपाल चौकसे, कोटा से पंकज जायसवाल, गुजरात से एडवोकेट नरेश जायसवाल, बिलासपुर से मनोज राय, बांसवाड़ा से हरीशचंद कलाल, अमरावती से रेखा ताई, तमिलनाडु से सी.जी. गौड, दिल्ली से पूनम चौधरी गुप्ता व नेहा गुप्ता, ग्वालियर से नीलम शिवहरे, समीक्षा गुप्ता, गायत्री शिवहरे सहित अनेक राज्यों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव होंगे खुला मंच कार्यशाला में शामिल

राष्ट्रीय बैठक के पश्चात आज आयोजित होने वाली खुला मंच कार्यशाला में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के शामिल होने की संभावना है। यह कार्यशाला समाज की भावी रणनीति, संगठन की मजबूती और सामाजिक अधिकारों के मुद्दों पर केंद्रित रहेगी। इस दौरान महासभा की राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक में पारित हुए दो प्रस्तावों के ज्ञापन पत्र भी मुख्यमंत्री जी को सौंपे जायेंगे।

समाज से व्यापक सहभागिता की अपील
प्रदेश प्रचार सचिव राजेश राय ने बताया कि इस राष्ट्रीय बैठक में 100 से अधिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने सक्रिय सहभागिता दी और दोनों प्रस्तावों पर पूर्ण समर्थन जताया। उन्होंने सभी संगठनों, पदाधिकारियों और सदस्यों से आग्रह किया है कि वे इस ऐतिहासिक अभियान को जन-जन तक पहुंचाएं और आगामी आयोजनों में सपरिवार भाग लेकर इसे गौरवशाली बनाएं।

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