कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा कि जाति सर्वेक्षण का फैसला,

कर्नाटक के मुख्यमंत्री श्री सिद्धारमैया ने जाति जनगणना को लेकर हाल में उठे विवादों पर आज सफाई दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्ष 2015 में कराए गए कांथराज आयोग के जाति सर्वेक्षण से संबंधित निर्णय राज्य सरकार का नहीं, बल्कि कांग्रेस आलाकमान का था।पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “कांथराज आयोग के जाति सर्वेक्षण को लेकर कुछ शिकायतें प्राप्त हुई थीं। कई लोगों का मानना है कि यह डेटा अब पुराना हो चुका है। कुछ वर्गों ने सुझाव दिया कि सीमित समय में एक बार फिर से जनगणना करवाई जाए।”मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि 2015 की रिपोर्ट को खारिज नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा, “हमने 2015 की जातिगत सर्वे रिपोर्ट को सैद्धांतिक रूप से स्वीकार किया है। इसे नकारने का कोई इरादा नहीं है।”यह बयान ऐसे समय पर आया है जब राज्य में 2015 की जाति जनगणना के लीक हुए आंकड़ों को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। इन आंकड़ों में दलितों, पिछड़े वर्गों और अल्पसंख्यकों की जनसंख्या में बड़ी वृद्धि दिखाई गई है। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि यह रिपोर्ट सत्तारूढ़ कांग्रेस के पारंपरिक वोट बैंक को प्रभावित कर सकती है।साथ ही, हाल ही में बेंगलुरु में एक क्रिकेट कार्यक्रम के दौरान भगदड़ में 11 लोगों की मृत्यु के बाद मुख्यमंत्री सिद्धारमैया पर प्रशासनिक दबाव भी बढ़ा है।मुख्यमंत्री ने सभी वर्गों से संयम बरतने की अपील की और कहा कि सरकार समाज के सभी तबकों की भावनाओं का सम्मान करते हुए उचित निर्णय लेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *