मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल कुबेरेश्वर धाम में श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच हुए हादसे में अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है, जिससे समूचे प्रदेश में शोक और आक्रोश का माहौल है। राजधानी भोपाल से महज 25 किलोमीटर दूर स्थित इस धार्मिक स्थल पर यह हादसा उस समय हुआ जब रुद्राक्ष वितरण और कांवड़ यात्रा का आयोजन चल रहा था।प्राप्त जानकारी के अनुसार, मंगलवार को रुद्राक्ष वितरण के दौरान भारी भीड़ के बीच धक्का-मुक्की और भगदड़ की स्थिति उत्पन्न हो गई, जिसमें दो श्रद्धालुओं की मौत हो गई। इसके बाद बुधवार को तीन और श्रद्धालुओं की जान गई, और अब तक मरने वालों की संख्या सात हो चुकी है। घायलों की संख्या भी दर्जनों में बताई जा रही है, जिनका इलाज विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है।इस गंभीर घटना पर मध्य प्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष श्री उमंग सिंघार ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए सरकार से तत्काल संज्ञान लेने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।श्री सिंघार ने कहा, “यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि धार्मिक आयोजनों में बार-बार प्रशासनिक लापरवाही देखने को मिल रही है। सरकार को जवाब देना चाहिए कि आखिर श्रद्धालुओं की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम क्यों नहीं किए गए? क्या संचालन समिति पूरी तरह निर्दोष है? यदि नहीं, तो प्रशासन इसके विरुद्ध कार्रवाई क्यों नहीं कर रहा?”उन्होंने आगे कहा, “सरकार सोई हुई है और लापरवाही की कीमत आमजन को अपनी जान देकर चुकानी पड़ रही है। यदि आयोजन में किसी भी स्तर पर चूक हुई है, तो उसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों और समिति के सदस्यों पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई होनी चाहिए।”सिंघार ने मांग की कि घटना की न्यायिक जांच कराई जाए और मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा और घायलों को बेहतर इलाज की सुविधा तत्काल दी जाए।

वहीं स्थानीय प्रशासन ने अब तक इस पर कोई ठोस बयान नहीं दिया है, जिससे लोगों में असंतोष और अधिक गहरा हो गया है। श्रद्धालुओं का कहना है कि हर साल कुबेरेश्वर धाम में लाखों की संख्या में लोग दर्शन और रुद्राक्ष लेने पहुंचते हैं, लेकिन इस बार प्रशासन और आयोजन समिति की तैयारियां बेहद कमजोर और अव्यवस्थित थीं।इस घटना ने राज्य सरकार और जिला प्रशासन की आपदा प्रबंधन एवं भीड़ नियंत्रण व्यवस्था पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।