उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा ने वैष्णोदेवी भू-स्खलन घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया,

मध्यप्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा ने जम्मू-कश्मीर स्थित वैष्णोदेवी में हुए भू-स्खलन की दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। इस घटना में मंदसौर जिले के मल्हारगढ़ विधानसभा क्षेत्र के ग्राम भीलखेड़ी से तीर्थ दर्शन के लिए गए श्रद्धालु गंभीर रूप से प्रभावित हुए हैं। घटना में तीन श्रद्धालुओं की दुर्भाग्यपूर्ण मृत्यु की सूचना प्राप्त हुई है, जबकि कई श्रद्धालु घायल बताए गए हैं।श्री देवड़ा ने दिवंगत श्रद्धालुओं के प्रति गहरी संवेदना प्रकट करते हुए कहा कि यह दुर्घटना अत्यंत दुःखद और हृदयविदारक है। उन्होंने मृतकों की आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की और शोकाकुल परिवारों को इस दुख की घड़ी में धैर्य प्रदान करने की कामना की। उप मुख्यमंत्री ने घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ और सकुशल घर वापसी के लिए भी ईश्वर से प्रार्थना की।घटना की जानकारी मिलते ही उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने मंदसौर जिला प्रशासन से संपर्क साधा और मंदसौर कलेक्टर को तत्काल राहत एवं सहायता के लिए निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है और हर संभव मदद उपलब्ध कराई जाएगी। प्रशासन को निर्देश दिया गया है कि घायलों को सर्वोत्तम चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध कराई जाए और उनके परिजनों को समय-समय पर आवश्यक सहयोग एवं जानकारी दी जाए।

श्री देवड़ा ने कहा कि राज्य सरकार इस तरह की आकस्मिक घटनाओं में अपने नागरिकों को हर संभव सहयोग प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिकारियों से आग्रह किया कि प्रभावित परिवारों को सांत्वना देने के साथ-साथ आर्थिक सहायता, चिकित्सकीय मदद एवं अन्य आवश्यक राहत सामग्री तुरंत उपलब्ध कराई जाए।मंदसौर जिले के जनप्रतिनिधियों एवं स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों को भी इस घटना की जानकारी दी गई है और उन्हें पीड़ितों के परिजनों से निरंतर संपर्क में रहने के निर्देश दिए गए हैं।उप मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि इस कठिन समय में प्रभावित परिवारों को मानसिक और सामाजिक सहयोग प्रदान करें। उन्होंने कहा कि सरकार ऐसे हादसों को लेकर संवेदनशील है और यात्रियों की सुरक्षा को लेकर हर स्तर पर समुचित व्यवस्था करने के लिए निरंतर प्रयासरत है।इस हृदयविदारक घटना के संदर्भ में, राज्य सरकार ने जम्मू-कश्मीर प्रशासन से भी संपर्क साधा है ताकि घायलों को समय पर उचित उपचार और मृतकों के पार्थिव शरीर को उनके गृह जिले तक लाने की प्रक्रिया में किसी प्रकार की देरी न हो।

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