
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि इंदौर निरंतर प्रगति, विकास और नवाचार की दिशा में अग्रसर है और आज यह देश के सबसे तेज़ी से विकसित होने वाले शहरों में शामिल हो चुका है। विकास, स्वच्छता, उद्योग, व्यापार और सुशासन के क्षेत्र में इंदौर ने जो विशिष्ट पहचान बनाई है, उस पर पूरे मध्यप्रदेश को गर्व है। इंदौर की असली पहचान उसकी संघर्षशील जनता, अदम्य हौसलों और विकासशील सोच से है। आज प्रदेश का हर जिला इंदौर जैसा बनना चाहता है।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को स्वच्छ जल अभियान अंतर्गत अमृत 2.0 इंदौर जलप्रदाय योजना (पैकेज–1) के तहत 800 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से प्रस्तावित बहुप्रतीक्षित जल प्रदाय परियोजना का विधिवत भूमि-पूजन किया। यह परियोजना इंदौर शहर की पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़, आधुनिक और दीर्घकालिक समाधान प्रदान करेगी।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कठिन समय में सरकार, नगर निगम और प्रशासन ने पूरी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ नागरिकों के साथ खड़े रहकर हरसंभव प्रयास किए हैं। उन्होंने मकर संक्रांति के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में सभी को शुभकामनाएँ दीं। इस दौरान उन्होंने भागीरथपुरा क्षेत्र में घटित जल-जनित घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए दिवंगत नागरिकों के प्रति संवेदना प्रकट की और बाबा महाकाल से दिवंगत आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान देने की प्रार्थना की।डॉ. यादव ने कहा कि मकर संक्रांति केवल पर्व नहीं, बल्कि तिल-तिल करके आगे बढ़ने का संकल्प है। जैसे इस दिन से सूर्य उत्तरायण होता है और प्रकाश बढ़ता है, वैसे ही इंदौर भी निरंतर प्रगति और विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आपदा के समय राजनीति करना इंदौर स्वीकार नहीं करेगा। सकारात्मक और रचनात्मक विपक्ष लोकतंत्र की ताकत है, लेकिन पीड़ा पर राजनीति करना अनुचित है।मुख्यमंत्री ने कहा कि मालवा और निमाड़ क्षेत्र को नर्मदा जल से जोड़ने के लिए वर्षों तक संघर्ष करना पड़ा। सरदार सरोवर बांध को पूर्ण कर देश को जल सुरक्षा देने का श्रेय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को जाता है। इसके माध्यम से सिंचाई क्षमता में ऐतिहासिक वृद्धि हुई है और आज मध्यप्रदेश में 56 लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में सिंचाई संभव हो सकी है। उन्होंने नदी जोड़ो परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि पार्वती–कालीसिंध–चंबल (पीकेसी) परियोजना मध्यप्रदेश और राजस्थान के लिए वरदान सिद्ध होगी। वहीं केन–बेतवा नदी जोड़ो परियोजना, जो पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी का सपना थी, आज प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में साकार हो रही है।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जल जीवन मिशन के माध्यम से प्रत्येक गांव और प्रत्येक शहर तक शुद्ध पेयजल पहुँचाना सरकार का संकल्प है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के मार्गदर्शन और राज्य सरकार के पूर्ण सहयोग से इंदौर आत्मनिर्भर बनकर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि सरकार पूरी मजबूती से इंदौर के साथ खड़ी है और शहर निरंतर आगे बढ़ेगा।कार्यक्रम के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मां नर्मदा की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर पूजा-अर्चना की तथा सभागृह परिसर में संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर और स्वर कोकिला लता मंगेशकर की प्रतिमाओं पर श्रद्धा सुमन अर्पित किए।
नगरीय प्रशासन एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय ने इंदौर में नर्मदा जल लाने के ऐतिहासिक जन-आंदोलन का उल्लेख करते हुए कहा कि नर्मदा जल परियोजना केवल एक योजना नहीं, बल्कि इंदौर की जनशक्ति और संकल्प का परिणाम है। उन्होंने कहा कि यदि नर्मदा जल नहीं आता, तो इंदौर आज जिस स्वरूप में है, वह संभव नहीं होता। उन्होंने इंदौर की स्वच्छता पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि यहाँ की पहचान नागरिकों की सहभागिता से बनी है। देर रात तक सफाई में जुटे सफाई कर्मी इंदौर की असली ताकत हैं। उन्होंने कहा कि इंदौर नंबर वन था, है और रहेगा।जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के विकसित भारत के संकल्प को मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में साकार किया जा रहा है। विकास केवल अधोसंरचना तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, जल संसाधन और रोजगार के क्षेत्रों में भी नए आयाम स्थापित कर रहा है।महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर की भविष्य की जल आवश्यकताओं को देखते हुए 1100 करोड़ की योजना को 2400 करोड़ रुपये तक विस्तारित किया। परियोजना में 10 वर्षों का संचालन एवं संधारण (O&M) भी शामिल है, जिससे शहर को लंबे समय तक सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण पेयजल मिलेगा। उन्होंने बताया कि परियोजना के अंतर्गत जलूद एवं ग्राम भकलाय क्षेत्र में आधुनिक इन्टेक वेल, पंपिंग मेन, विद्युत सब-स्टेशन, जलशोधन संयंत्र और ब्रेक प्रेशर टैंक का निर्माण किया जाएगा। यह परियोजना इंदौर के लिए मील का पत्थर सिद्ध होगी।